केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड पटना में हिन्दी कार्यशाला का हुआ आयोजन

केंद्रीय भूमि जल बोर्ड पटना ने हिंदी दिवस के तहत शुरू किया हिंदी पखवाड़ा

हिन्दी दिवस के तहत किया गया हिन्दी पखवाड़ा की शुरुआत
पटना-कार्यालय प्रतिनिधि। केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, मध्य-पूर्वी क्षेत्र, पटना में क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन शुक्ला की अध्यक्षता में गुरुवार को वार्षिक योजना 2024-25 की दूसरी तिमाही के अंतर्गत राजभाषा हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया तथा इसके साथ कार्यालय में हिन्दी पखवाड़ा की शुरुआत भी की गई।
इस कार्यशाला में शाल्मली सिंह, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी, कार्यालय- प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, पटना द्वारा राजभाषा हिन्दी के विविध आयामों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया एवं राजभाषा हिन्दी के विभिन्न नियमों से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा उसमें विजेताओं को पुरुस्कार भी दिए गए।
क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन शुक्ला ने बताया कि इस कार्यालय में राजभाषा हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग किया जा रहा है तथा उन्होंने बताया कि इस कार्यालय द्वारा छःमाही गृहपत्रिका का प्रकाशन शुरू किया गया है जिसकी प्रथम प्रति नाराकास (केन्द्रीय) पटना को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भूजलस्तर बुलेटिन प्रतिमाह द्विभाषीय में निकालने का प्रस्ताव है जिसकी प्रथम प्रति प्रकाशन की प्रक्रिया में है।


कार्यशाला में केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, मध्य-पूर्वी क्षेत्र, पटना के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण,भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग एवं भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड, पटना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। आन्य विभागों से आये अधिकारियों ने उनके विभाग में राजभाषा हिन्दी में हो रहे कार्यों के विषय में अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम का संचालन सिपर्णा नायक, सहायक भूजल वैज्ञानिक ने किया। डॉ. विवेक शर्मा, वैज्ञानिक-‘ख’ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

( रिपोर्ट,तस्वीर : पीआईबी (पटना), इनपुट : निशांत राज )

Share
  • Related Posts

    जब प्रकृति संकट में हो, तब पंत को याद करना जरूरी है

    लेखक : निशांत राज “जब दुनिया विकास की अंधी दौड़ में प्रकृति से दूर होती जा रही है, तब पंत की कविताएँ हमें मनुष्य और प्रकृति के रिश्ते की याद…

    Share

    मौसम में बदलाव से मूंग-उड़द में बढ़ा पीला धब्बा रोग का खतरा : डॉ. धनंजय तिवारी

    डेहरी-आन-सोन (रोहतास)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण कृषि विज्ञान संस्थान के शस्य विज्ञान विभाग में कार्यरत डॉ. धनंजय तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में तापमान में…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    जब प्रकृति संकट में हो, तब पंत को याद करना जरूरी है

    जब प्रकृति संकट में हो, तब पंत को याद करना जरूरी है

    मौसम में बदलाव से मूंग-उड़द में बढ़ा पीला धब्बा रोग का खतरा : डॉ. धनंजय तिवारी

    मौसम में बदलाव से मूंग-उड़द में बढ़ा पीला धब्बा रोग का खतरा : डॉ. धनंजय तिवारी

    गिद्दा महादलित टोले में दूसरे सिलाई सह पढ़ाई केंद्र का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

    गिद्दा महादलित टोले में दूसरे सिलाई सह पढ़ाई केंद्र का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

    विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर नारायण नर्सिंग कॉलेज का स्वास्थ्य शिविर, 55 ग्रामीण लाभान्वित

    विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर नारायण नर्सिंग कॉलेज का स्वास्थ्य शिविर, 55 ग्रामीण लाभान्वित

    Weekly epaper

    Weekly epaper

    रोहतास की पंचायतों को मिलेंगे आधुनिक भवन, मई अंत तक पूरे होंगे कई प्रोजेक्ट

    रोहतास की पंचायतों को मिलेंगे आधुनिक भवन, मई अंत तक पूरे होंगे कई प्रोजेक्ट