जीएनएसयू में “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष का ऐतिहासिक उत्सव

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)- विषेश संवादाता। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई द्वारा “वंदे मातरम्” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन देव मंगल सभागार में किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के 1600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और देशभक्ति के रंग में सराबोर हो उठे।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव प्रो. (डॉ.) आलोक प्रताप सिंह ने की। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में विद्यार्थियों में ए, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित किया। डॉ. सिंह ने कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, समर्पण और गौरव की भावनाओं का प्रतीक है।

कार्यक्रम का संचालन एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी डॉ. धनंजय तिवारी ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के शिक्षकगण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक साथ खड़े होकर श्रद्धा और उत्साह के साथ “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया, जिससे पूरा सभागार देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।

कार्यक्रम के समापन पर वेदांत कुमार प्रजापति ने सभी अतिथियों, अध्यापकों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापन किया और युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने “वंदे मातरम्” गीत की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हुए इसे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरणास्रोत बताया।

यह आयोजन गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व, प्रेरणा और देशभक्ति की भावना को प्रबल करने वाला एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ।

(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, जीएनएसयू)

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