बरेली में होगा अंतरराष्ट्रीय नाथ साहित्य सम्मेलन, संस्कृति और आस्था को वैश्विक मंच देने की तैयारी

आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) । तमसा नगरी आजमगढ़ और नाथ नगरी बरेली की सांस्कृतिक विरासत को एक सूत्र में पिरोने की दिशा में बरेली में ‘नाथ नगरी बरेली महोत्सव एवं अंतरराष्ट्रीय नाथ साहित्य सम्मेलन’ आयोजित करने का निर्णय मंगलवार को लिया गया है। इस संबंध में बरेली की पूर्व पार्षद मनीषा सक्सेना के आवास पर आयोजित बैठक में आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में राष्ट्रीय महासचिव दीपक सक्सेना, अंतरराष्ट्रीय संयोजक अरविंद चित्रांश, वरिष्ठ साहित्यिक विचारक बृजेंद्र बाबू सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, नाथ परंपरा, आस्था, लोककला और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है।

पूर्व पार्षद मनीषा सक्सेना ने कहा कि जिस प्रकार तमसा तट पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान है, उसी प्रकार बरेली नाथ परंपरा और भगवान शिव के सात प्राचीन नाथ मंदिरों के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि बरेली की जरी-जरदोजी कला, लकड़ी के खिलौने, मेंथा तेल उद्योग, सुरमा उद्योग तथा लोकसंस्कृति को भी इस महोत्सव के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।

राष्ट्रीय महासचिव दीपक सक्सेना ने कहा कि नाथ संप्रदाय भारतीय योग परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नाथ दर्शन के प्रमुख सिद्धांतों और नवनाथ गुरुओं की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सम्मेलन योग, अध्यात्म, साहित्य और संस्कृति को नई दिशा देगा।

वरिष्ठ साहित्यिक विचारक बृजेंद्र बाबू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संयोजक अरविंद चित्रांश के नेतृत्व में प्रस्तावित सम्मेलन नाथ साहित्य अकादमी की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों, संतों, साहित्यकारों, विश्वविद्यालयों, धार्मिक संस्थाओं तथा प्रवासी भारतीय संगठनों को आमंत्रित करने की योजना है।

अंतरराष्ट्रीय संयोजक अरविंद चित्रांश ने कहा कि नाथ नगरी बरेली में नाथ साहित्य अकादमी की स्थापना भारतीय संस्कृति, साहित्य, योग और नाथ परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने का ऐतिहासिक प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य नाथ परंपरा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक पक्ष को विश्व समुदाय के समक्ष प्रस्तुत करना है।

बैठक में सारिका श्रीवास्तव, ब्रह्माकुमारी माता कैलाशपति, माही, अंशिका दीपक, प्रशांत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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