
डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-विशेष संवाददाता। नारायण वर्ल्ड स्कूल परिसर में सोमवार, 2 फरवरी को विद्यालय के द्विवर्षीय कौशल प्रदर्शनी कार्यक्रम ‘उदित्यान 3.0’ का विधिवत आयोजन किया गया। यह आयोजन ‘अमृतकाल प्रबोधिनी – कौशल बोध अध्याय’ विषयक थीम पर आधारित था, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के संरक्षक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने संस्थान की संस्थापक शैल सिंह, विद्यालय की निदेशक डॉ. मोनिका सिंह तथा विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों की उपस्थिति में औपचारिक घोषणा के साथ किया।सैकड़ों प्रदर्शनियों से सुसज्जित इस भव्य आयोजन में विद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अवधारणाओं को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। स्थापत्य, वास्तुकला, वसुधैव कुटुंबकम्, अन्नप्रसादम, विरासत भी–विकास भी तथा टेक-पार्क जैसे विभिन्न कौशल संभागों में विभक्त 125 से अधिक प्रदर्शनियों ने विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमता और तकनीकी दक्षता को दर्शाया।

नाट्य, हस्तकला और संगीत की संयुक्त मंचीय प्रस्तुतियों ने उपस्थित आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, खाद्य प्रदर्शनी में प्रस्तुत व्यंजनों को मां अन्नपूर्णा के प्रसाद के रूप में प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने विकसित भारत की परिकल्पना को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा।
इस अवसर पर 50 से अधिक तकनीकी डेलिगेट्स तथा 1500 से अधिक आगंतुकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की प्रतिभा को विद्यालय की वार्षिक पत्रिका “शैल-प्रभा” के माध्यम से साहित्यिक स्वरूप में भी स्थायित्व प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह ने विद्यालय के नवाचार-आधारित शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की भावी पीढ़ी द्वारा विकसित भारत 2047 की अवधारणा को मौलिक स्तर पर साकार करने के ऐसे प्रयास राष्ट्र निर्माण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
अंत में विद्यालय के संरक्षक गोपाल नारायण सिंह ने विद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, जीएनएसयू)





