
पटना -कार्यालय प्रतिनिधि। केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, मध्य-पूर्वी क्षेत्र, पटना में एक दिवसीय राजभाषा हिन्दी कार्यशाला का आयोजन क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन शुक्ला की अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न केन्द्रीय कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यशाला के मुख्य अतिथि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के उप महानिदेशक प्रियदर्शी साहु और विशिष्ट अतिथि कर्मचारी राज्य बीमा निगम, पटना के सहायक निदेशक (राजभाषा) अजीत कुमार शर्मा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ और इसी अवसर पर विभागीय पत्रिका “भूजल दर्पण” (अंक 3 एवं 4 का संयुक्तांक) का विमोचन भी किया गया।
अपने उद्घाटन भाषण में क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन शुक्ला ने हिन्दी की ग्राह्य शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दी एक सहज, सरल और वैज्ञानिक भाषा है जिसमें तकनीकी और प्रशासनिक विषयों की अभिव्यक्ति प्रभावी ढंग से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हिन्दी सभी भाषाओं का सम्मान करती है और स्वयं को समृद्ध करती है, इसलिए कार्यालय कार्यों में हिन्दी के प्रयोग को और अधिक बढ़ावा देना हम सबकी जिम्मेदारी है।

मुख्य अतिथि प्रियदर्शी साहु ने केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, पटना द्वारा राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने “भूजल दर्पण” पत्रिका के नियमित प्रकाशन को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि हिन्दी सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भाषा है, जो अन्य भाषाओं का आदर करती है और उनके साथ सामंजस्य स्थापित करती है।
वहीं विशिष्ट अतिथि अजीत कुमार शर्मा ने हिन्दी को वैज्ञानिक अभिव्यक्ति की सक्षम भाषा बताया और कहा कि यह देश की बहुसंख्यक जनता द्वारा बोली और समझी जाती है। उन्होंने “राजभाषा हिन्दी : व्यावहारिक प्रयोग और संभावनाएं” विषय पर अपने व्याख्यान में हिन्दी के प्रयोग में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर व्यावहारिक सुझाव दिए।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने कार्यालयों में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इसी क्रम में केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, पटना में हिन्दी में किए जा रहे कार्यों का विस्तृत विवरण अधिकारी सर्वेक्षक निर्मल कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। अंत में राजभाषा हिन्दी पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।






