खिलाड़ी वही होते जो कभी हार नहीं मानते : डीडीसी

सासाराम (रोहतास) कार्यालय प्रतिनिधि। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 कार्यक्रम के तहत टार्च दूर यात्रा गुरुवार को पटना से शुरू यात्रा आरा, बक्सर, कैमूर होते हुए सुबह में लगभग दस बजे सासाराम पहुंची, जिनका न्यू स्टेडियम, फजलगंज के मल्टी पर्पस हाल में स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त (डीडीसी) विजय कुमार पाण्डेय ने की। दल का स्वागत वरीय उपसमाहर्ता सह उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा विनय प्रताप ने किया। डीडीसी ने खिलाड़ियों को और स्कूली बच्चों को कभी भी हार स्वीकार नहीं करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जो खिलाडी होते हैं, उनसे हार न मानने की ज़िद से सीखना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में हरा हुआ नहीं मानना ही खिलाड़ी की असली पहचान है। गिरना और गिर कर फिर से उठना अपने आप से प्रेरणा देती है। विद्यार्थियों को इनसे सीखना चाहिए। एडीएम सुबोध कुमार ने कहा कि खिलाड़ियों को जज्बे के साथ खेलना और अपनी मंजिल को पाने की ज़िद को नहीं छोड़ना इस बात को अपने अंदर जिंदा रखना ही खिलाडी की परिभाषा होती है। डीईओ मदन राय व डीटीओ रामबाबू ने बच्चों और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

शारीरिक शिक्षा उपाधीक्षक ने कहा कि खेलो इंडिया यूथ गेम 2025 इस बार बिहार के पांच जिलों में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पटना, गया, नालंदा (राजगीर), भागलपुर और बेगूसराय शामिल है। यह खेल अगले माह चार से 15 मई तक होगा। दिल्ली में जिम्नास्टिक, ट्रैक साइकिलिंग और शूटिंग की भी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी, जो खिलाड़ियों को एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगी। कार्यक्रम के संचालन में प्रभात पाठक, सोनी कुम्ली, शारीरिक शिक्षक जय शंकर कुमार मनोज कुमार, शिव शंभू राय, विकास तिवारी, उज्जवल कुमार उर्फ संजू, प्रेम प्रकाश कुमार, नरेंद्र यादव, अमित कुमार ने अहम भूमिका निभाई। संचालन राजनीश कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर ओम प्रकाश लाल, नेहा कुमारी, विनीता कुमारी के अलावा सदर सीओ सुधीर कुमार ओंकारा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Share
  • Related Posts

    केंद्रीय हिंदी निदेशालय की व्याख्यानमाला के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय चयनित, महाराष्ट्र में देंगे व्याख्यान

    देहरादून/हरिद्वार (उत्तराखंड)। चमन लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. सुशील उपाध्याय का चयन भारत सरकार के केंद्रीय हिंदी निदेशालय की प्रतिष्ठित ‘प्राध्यापक व्याख्यानमाला’ योजना के लिए किया गया…

    Share

    राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को नराकास का विशेष पुरस्कार

    पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को भारत सरकार की राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (केंद्रीय कार्यालय), पटना (नराकास)…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    केंद्रीय हिंदी निदेशालय की व्याख्यानमाला के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय चयनित, महाराष्ट्र में देंगे व्याख्यान

    केंद्रीय हिंदी निदेशालय की व्याख्यानमाला के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय चयनित, महाराष्ट्र में देंगे व्याख्यान

    राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को नराकास का विशेष पुरस्कार

    राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को नराकास का विशेष पुरस्कार

    जीएनएसयू और एनएमसीएच को तीन अंतरराष्ट्रीय आईएसओ प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रबंधन में मिली बड़ी पहचान

    जीएनएसयू और एनएमसीएच को तीन अंतरराष्ट्रीय आईएसओ प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रबंधन में मिली बड़ी पहचान

    जवाहर नवोदय विद्यालय कक्षा 6 प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 28 नवंबर को होगी चयन परीक्षा

    बीड़ी श्रमिकों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए बिहार में जागरूकता शिविर, आवेदन में मिली सहायता

    बीड़ी श्रमिकों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए बिहार में जागरूकता शिविर, आवेदन में मिली सहायता

    आईसीएआर पटना में 22वीं अनुसंधान सलाहकार समिति की बैठक शुरू, जलवायु-स्मार्ट कृषि पर जोर

    आईसीएआर पटना में 22वीं अनुसंधान सलाहकार समिति की बैठक शुरू, जलवायु-स्मार्ट कृषि पर जोर