मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए डेहरी में प्रभात फेरी और विशेषज्ञ संगोष्ठी

डेहरी-आन-सोन (रोहतास) कार्यालय प्रतिनिधि। मानसिक स्वास्थ्य हमारे समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ-साथ मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी आवश्यक है। यह खेद का विषय है कि आज भी समाज में मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा की जाती है। लोग मानसिक रोग होने पर उसका वैज्ञानिक उपचार कराने के बजाय अवैज्ञानिक धारणाओं, अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और ग्रह-नक्षत्रों की कुदृष्टि जैसी भ्रांतियों में उलझ जाते हैं। परिणामस्वरूप रोगी समय पर सही इलाज से वंचित रह जाता है और उसकी मानसिक अवस्था और भी बिगड़ जाती है। इसलिए समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है।

उपरोक्त बातें इंडियन साइकिएट्रिक सोसायटी के पूर्वी प्रक्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने कही। वे विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर डेहरी ऑन सोन में विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित प्रभात फेरी के समापन समारोह में नगर के छात्रों, खिलाड़ियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों को संबोधित कर रहे थे।

प्रभात फेरी की शुरुआत पाली रोड स्थित संवेदना न्यूरोसाइकिएट्रिक रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड परिसर से हुई। यह फेरी कर्पूरी चौक, बारह पत्थर चौक, सदर चौक और अंबेडकर चौक होते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कार्यालय तक पहुँची, जहाँ सभी प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

डॉ. रागिनी सिन्हा, संजय सिंह बाला, डॉ. उदय कुमार सिन्हा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। इस अवसर पर गुरुकुल स्कूल सुजानपुर और पीएम श्री मध्य विद्यालय शिवगंज के छात्र-छात्राओं सहित डॉक्टरों, मनोरोग विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

साथ ही, संवेदना न्यूरोसायकेट्रिक रिसर्च प्रा. लिमिटेड, इंडियन सायकेट्रिक सोसायटी के पूर्वी प्रक्षेत्र, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन डेहरी और उषा श्याम फाउंडेशन, डेहरी के संयुक्त बैनर तले नगर के एक सभागार में वृहद संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी का प्रारंभ दीप प्रज्वलित करके किया गया। संवेदना न्यूरोसाइकिएट्रिक रिसर्च प्रा. लिमिटेड की निदेशक डा. मालिनी राय ने आगत अतिथियों की अभ्यर्थना की। संगोष्ठी में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विभूतियों को अंग वस्त्र, प्रतीक चिह्न और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात, ‘आपदा व आपातकालीन स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य सेवा’ विषयक संगोष्ठी में न्यायाधीश चंदन कुमार वर्मा ने कहा कि न्यायपालिका केवल कानून के प्रावधानों के आधार पर कार्य नहीं करती, बल्कि न्यायिक निर्णयों में मानवीय व्यवहार, भावनाएं और मानसिकता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता के साथ-साथ अपराधियों की मनोवैज्ञानिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाता है। यदि कोई आरोपी स्किज़ोफ्रेनिया या अन्य गंभीर मानसिक विकार से पीड़ित हो, तो प्राथमिकता मनोचिकित्सीय उपचार को दी जाती है। न्यायपालिका का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और सामाजिक संतुलन स्थापित करना है। इसमें मनोविज्ञान की भूमिका न्यायिक प्रक्रिया को मानवीय, तार्किक और वैज्ञानिक बनाने में सहायक होती है।

संगोष्ठी में ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी मनोवैज्ञानिक सृष्टि साहा और मनोचिकित्सक डॉ. सोनिका मंडल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। आज तनाव, अवसाद, चिंता और नशा जैसी मानसिक समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में समाज को यह समझना जरूरी है कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य।

मनोवैज्ञानिक व्यवहार और भावनाओं को समझने में सहायता करते हैं तथा परामर्श, थेरेपी, जीवनशैली सुधार और तनाव प्रबंधन के माध्यम से मरीज की मदद करते हैं। वहीं मनोचिकित्सक विशेषज्ञ चिकित्सक होते हैं, जो आवश्यकता पड़ने पर दवाओं द्वारा गंभीर मानसिक रोगों का उपचार करते हैं।

अन्य कई सुधीजनों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में भय, चिंता, आघात और शोक जैसी मानसिक समस्याएँ आम होती हैं। ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्तियों को परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहायता और सामुदायिक समर्थन की आवश्यकता होती है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा त्वरित सहायता दीर्घकालिक मानसिक विकारों की रोकथाम में सहायक होती है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार और समाज को मिलकर आपदा प्रबंधन योजनाओं में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए।

संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सक आरडी सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन डा. उदय कुमार सिन्हा ने किया।मौके पर डॉ. रागिनी सिन्हा, अमित कुमार पांडेय, संपादक कमल किशोर, डेहरी विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष उमा शंकर पांडेय, महिला कॉलेज के पूर्व प्राचार्य दिग्विजय सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक हजारी प्रसाद सिंह, डा. अमिताभ सिंह, डा. कंचन सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डा. सत्येंद्र शंकर, डा. नवीन नटराजन, मोहिनी इंटरप्राइजेज के संचालक उदय शंकर, शिक्षक संजय कुमार, अभिनव कला संगम के संरक्षक संजय सिंह बाला, सचिन नंदन कुमार, अध्यक्ष संतोष सिंह, आलोक कुमार श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, रुपेश राय, मनोज कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता मिथिलेश कुमार सिन्हा, बरमेश्वरनाथ उर्फ काली बाबू, प्रो. रणधीर सिन्हा, कनिष्ठ अभियंता प्रमोद यादव, अमरेंद्र प्रताप सिंह, ब्रह्मदेव यादव, चंद्रशेखर मिश्रा, महेंद्र यादव, सिकंदर, सुनील कुमार मेहता सहित शहर के चिकित्सक, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

( रिपोर्ट, तस्वीर: कुमार बिंदु व निशांत राज )

,

Share
  • Related Posts

    वंदे मातरम् भारत की आत्मा का गान है, केवल गीत नहीं : डॉ. चरण सिंह केदारखंडी

    डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का गान और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने वाला मंत्र है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसकी रचना की, जबकि…

    Share

    दीपावली को लेकर प्रशासन सतर्क, डेहरी में पटाखा दुकानों का औचक निरीक्षण

    डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। दीपावली पर अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अनुमंडल पदाधिकारी नीलेश कुमार के नेतृत्व में…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    वंदे मातरम् भारत की आत्मा का गान है, केवल गीत नहीं : डॉ. चरण सिंह केदारखंडी

    वंदे मातरम् भारत की आत्मा का गान है, केवल गीत नहीं : डॉ. चरण सिंह केदारखंडी

    दीपावली को लेकर प्रशासन सतर्क, डेहरी में पटाखा दुकानों का औचक निरीक्षण

    दीपावली को लेकर प्रशासन सतर्क, डेहरी में पटाखा दुकानों का औचक निरीक्षण

    केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे रेलकर्मी आंदोलन की तैयारी हेतु विजयवाड़ा में नवंबर में होगी राष्ट्रीय बैठक

    केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे रेलकर्मी आंदोलन की तैयारी हेतु विजयवाड़ा में नवंबर में होगी राष्ट्रीय बैठक

    अवतार चेतना के विकास का प्रतीक है : डॉ. आलोक पाण्डेय

    अवतार चेतना के विकास का प्रतीक है : डॉ. आलोक पाण्डेय

    रोहतास के 54वें स्थापना दिवस पर दो दिवसीय समारोह, ‘रन फॉर रोहतास’ और सांस्कृतिक संध्या होंगे आकर्षण

    रोहतास के 54वें स्थापना दिवस पर दो दिवसीय समारोह, ‘रन फॉर रोहतास’ और सांस्कृतिक संध्या होंगे आकर्षण

    राजस्व वसूली में तेजी लाएं, यातायात व्यवस्था बनाएं सुरक्षित : डीएम

    राजस्व वसूली में तेजी लाएं, यातायात व्यवस्था बनाएं सुरक्षित : डीएम