
गुरुग्राम। सलवान पब्लिक स्कूल, गुरुग्राम में 27 अगस्त 2026 को संस्कृत भाषा के गौरव, महत्त्व और उपयोगिता को रेखांकित करने के उद्देश्य से संस्कृत दिवस का आयोजन उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि, सम्मान और गौरव की भावना विकसित करने के साथ उन्हें भारतीय संस्कृति एवं समृद्ध ज्ञान-परंपरा से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और ऋग्वेद के अग्नि सूक्त के मंत्रों के मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रार्थना प्रस्तुत की तथा ‘ॐ सूर्याय नमः’ सहित सूर्य आराधना मंत्रों का सामूहिक उच्चारण किया। विद्यार्थियों ने ‘सादरं समीहतां वंदना विधीयताम्’ संस्कृत गीत की मनमोहक प्रस्तुति भी दी।
कार्यक्रम में ‘संस्कृत के युगपुरुष’ के माध्यम से कालिदास, पाणिनि आदि महान व्यक्तित्वों के संस्कृत भाषा के विकास, संरक्षण और प्रचार-प्रसार में योगदान को प्रस्तुत किया गया। ‘संस्कृत आराधना’ शीर्षक से नृत्य प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा की भावनात्मक अभिव्यक्ति को प्रभावी ढंग से सामने रखा। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘अस्माकं गौरवम्’ नाटक रहा। विद्यार्थियों के अभिनय, संवाद-प्रस्तुति और संस्कृत भाषा के प्रभावी प्रयोग ने दर्शकों को प्रभावित किया।

प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता जाखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, दर्शन, साहित्य, ज्ञान-परंपरा और वैज्ञानिक चिंतन की महत्वपूर्ण आधारभूत भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत को केवल एक विषय के रूप में न लेकर उसके वास्तविक मूल्य और जीवन से जुड़े महत्त्व को समझने का आह्वान किया।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के संदर्भ में संस्कृत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति भारतीय भाषाओं, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष बल देती है। आज संस्कृत का उपयोग शिक्षण और शोध के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय दर्शन, अनुवाद, डिजिटल माध्यम और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में सरल संस्कृत शब्दों एवं वाक्यों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम ज्ञान, संस्कृति, कला और मनोरंजन का सुंदर समन्वय रहा। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और शानदार प्रस्तुतियों ने संस्कृत दिवस समारोह को सफल एवं स्मरणीय बना दिया।




