राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर जीएनएसयू में आयोजित हुई संगोष्ठी

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-विशेष संवाददाता।  जमुहार स्थित गोपालनारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू) के कला संकाय के पत्रकारिता एवम् जनसंचार विभाग के द्वारा राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता का योगदान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी के अध्यक्षीय संबोधन में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में पत्रकारिता की भूमिका नए दौर के अनुरूप बदली है। डॉ. सिंह राष्ट्र निर्माण में पत्रकारों एवम् पत्रकारिता की भूमिका पर विस्तार से चर्चा किया और प्रेस दिवस के ऐतिहासिक महत्व को भी छात्रों को बताया।

ऑनलाइन एवम् ऑफलाइन प्रारूप में संचालित इस संगोष्ठी में पत्रकारिता एवम् जनसंचार विभाग के स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थी दिव्यांशु सिंह, खुशबू सिंह, शक्ति सिंह, परास्नातक प्रथम वर्ष की प्रज्ञा पांडेय और दीपशिखा ने भी उक्त विषय पर अपना उद्बोधन दिया। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर संगोष्ठी को विभाग की सहायक प्राध्यापक स्मृति, सहायक प्राध्यापक चंचल सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन विभाग के सहायक प्राध्यापक व संगोष्ठी के संयोजक डा. स्नेहाशीष वर्धन ने किया। संगोष्ठी के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक चंचल सिंह ने किया।

गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री गोपाल नारायण सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. महेंद्र कुमार सिंह और कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. डॉ. राकेश वर्मा ने भी राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की है। इस मौके पर विभाग के प्राध्यापकों के अलावे सभी सत्रों के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

इसे भी पढ़े : 👉🏻पुस्तक समीक्षाः यात्रियों के नजरिए में शाहाबाद

इसे भी पढ़े : 👉🏻  चार दिवसीय चित्रगुप्तमंदिर प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा का समापन

इसे भी पढ़े : 👉🏻 बाल कविताएं

इसे भी पढ़े : 👉🏻 डब्ल्यूजेएआई दो दिवसीय ‘वेब मीडिया समिट 2023’ का आयोजन

Share
  • Related Posts

    संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

    आरा (भोजपुर)। पुण्यतिथि पखवाड़ा के तहत स्थानीय बस पड़ाव परिसर स्थित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त मृदंगवादक शत्रुंजय प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि परिचर्चा के रूप…

    Share

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    विगत दिनों निशांत राज ने पटना में अपनी संपादित पुस्तक “लाली” भेंट की, तो मैं चमत्कृत रह गया। यह पुस्तक उनके दिवंगत पिता स्वर्गीय कृष्ण किसलय की स्मृति में उनकी…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

    संगीत के संत थे बाबू ललन जी, आरा को बनाया “मिनी बनारस”

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    पुस्तक समीक्षा : कृष्ण किसलय की साहित्यिक विरासत को सहेजती है ‘लाली’

    नारायण मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिता में बढ़ाया मान

    नारायण मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिता में बढ़ाया मान

    आरटीआई खुलासे से शिक्षक नियुक्ति पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

    बाल श्रम के खिलाफ एकजुट हुआ समाज, जागरूकता कार्यक्रम में दिलाई गई शपथ

    15 जून से शुरू होगा किसान चौपाल अभियान, पंचायतों में मिलेगी कृषि जानकारी