अग्रणी होने के लिए एकता जरूरी

अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा के राष्ट्रीय चुनाव से संबंधित संपर्क कार्यक्रम
डेहरी-आन-सोन (बिहार)-सोनमाटी समाचार। होटल उर्वशी में अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा के राष्ट्रीय चुनाव से संबंधित संपर्क कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व डीजीपी अशोककुमार गुप्त ने वैश्य एकता का आह्वान करते हुए कहा कि रौनियारों को अतिपिछड़ा वर्ग की श्रेणी में सूचीबद्ध करने के लिए सरकार पर दबाव बनाए जाने की जरूरत है और यह दबाव एकता-प्रदर्शन से ही संभव है।

पूर्व डीजीपी अशोककुमार गुप्त ने कहा किअतिपिछड़ा वर्ग में शामिल हुए बिना रौनियार वैश्य नौकरी के मामले में अग्रणी नहींबन सकते और राजनीति में अगली पंक्ति में दिखने या निर्णायक स्थिति में होने के लिए एकजुटता की जरूरत है। संगठन की ताकत से ही विभिन्न वर्गों के प्रभावशाली व्यवसाय पर अधिकार जमाया जा सकता है, जिन पर दूसरे वर्गों का सदियों से एकाधिकार रहा है।

महासभा की स्थापना 98 साल पहले

अशोक कुमार गुप्त ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में होने वाले रौनियार वैश्यों के अधिवेशन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने पर जोर देते हुए यह जानकारी दी कि रौनियार वैश्य महासभा की स्थापना 98 साल पहले इस समाज के विकास और संरक्षण के लिए हुई थी।

कार्यक्रम को रौनियार वैश्य महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव रंजन, युवाा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गुप्ता, पूर्व मेजर बैजनाथ प्रसाद गुप्ता, रौनियार वैश्य महासभा के जिला संरक्षक नंदलाल गुप्ता आदि ने संबोधित किया।

डेहरी के पाली में जाम से लोग परेशान
डेहरी-आन-सोन (सोनमाटी समाचार)। एक पखवाड़े से शहर के पाली पुल के पास आये दिन लगने वाले जाम से आमलोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब जाम सुबह और शाम के अतिव्यस्त समय में लगता है तो नौकरी-पेशा से जुड़े लोगों और विद्यार्थियों को परेशानी के साथ समय और धन दोनों की बर्बादी झेलनी पड़ रही है। आवश्यक कार्य को लेकर घर से बाहर निकले लोगों को जाम की वजह से कई तरह की क्षति उठानी पड़ रही है। मरीजों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।


बीए की परीक्षा होने के कारण परीक्षार्थियों भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है।ा टेम्पो को जाम में फंस जाने के कारण यात्रियों को पाली पुल के पास एक ही गंतव्य के लिए दो बार टेम्पो बदलना पड़ रहा है और पैदल ही चलकर पुल से गुजरना पड़ रहा है। पाली पुल के पास जाम नहींलगने देने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था नहीं है।

– कुमार अरूण गुप्त

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