ऋषिका, दिव्यांश नृत्य प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ / जेएनएसयू में प्रोफेशनल कोर्स ओरिएंटेशन

किशोर कुमार को समर्पित हुई नृत्य प्रतियोगिता-2019

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-विशेष प्रतिनिधि। सोन कला केन्द्र की अंतरजिला नृत्य प्रतियोगिता-2019 में ऋषिका शर्मा (सीनियर) और दिव्यांश राज प्रिंस (जूनियर) ने सर्वश्रेष्ठ (प्रथम) स्थान हासिल किया। जबकि सीनियर वर्ग (12 वर्ष से ऊपर) के 19 कलाकारों में श्रेष्ठा श्री (द्वितीय), साक्षी सिन्हा (तृतीय), शानू सिंह (सांत्वना विशेष) और जूनियर वर्ग (सात वर्ष से ऊपर) के 16 कलाकारों में शिवानी सोनी (द्वितीय), तेजस्वी भारद्वाज (तृतीय), सन साइन (सांत्वना विशेष) और समूह प्रस्तुति के 10 ग्रुप में ड्रीम डांस ग्रुप (प्रथम), प्रभा संगम (द्वितीय), सुमित्रा पब्लिक स्कूल (तृतीय), गुगली ग्रुप (सांत्वना विशेष) ने अग्रणी स्थान प्राप्त किया।

पुरस्कार वितरण सत्र को संबोधित करते हुए विधायक सत्यनारायण सिंह यादव ने कहा कि नई पीढ़ी की कला-प्रतिभा को निखारने के संकल्प के साथ नवगठित संस्था सोन कला केेंद्र को उनका हर स्तर पर सहयोग होगा। राज ट्रामा सेन्टर (पटना) के संस्थापक अध्यक्ष डा. विजयराज सिंह ने इच्छुक कलाकारों को अवसर देने की घोषणा की। आगतों का स्वागत करते हुए अध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव ने कहा कि यह कलाकारों की सांस्कृतिक सर्जना की संवाहक संस्था है, जिसका उद्देश्य स्थानीय प्रतिभा को निखारना है। पुरस्कार वितरण सत्र का संचालन करते हुए संस्था के वरिष्ठ संस्थापक सलाहकार नाटककार कृष्ण किसलय ने बताया कि सोन तट कला की आदि भूमि है और रंगमंच (नाटक) से ही नृत्य, संगीत, लेखन आदि कला विधाओं का विकास-विस्तार हुआ है। संस्थापक सलाहकार वरिष्ठ भोजपुरी फिल्म निर्देशक चंद्रभूषण मणि ने कहा कि पिछली सदी में डालमियानगर कारखानों के बंद होने से ठप कला-गतिविधियों को नई पीढ़ी के कलाकारों के जरिये सक्रिय करने का प्रयास है। संस्था के उपाध्यक्ष सुनील शरद और वरिष्ठ अधिवक्ता बैरिस्टर सिंह ने संस्था के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

नृत्य-प्रदर्शन का निर्णय सीमा उपाध्याय और मनीष थापा ने किया। कार्यकारी अध्यक्ष जीवन प्रकाश, सचिव निशांतकुमार राज, कोषाध्यक्ष राजीवकुमार सिंह, उप सचिव ओमप्रकाश ढनढन, सुमन सिंघानिया, प्रो. अरुण शर्मा, सिन्टू सोनी (ध्वनी-प्रकाश) ने पुरस्कार-वितरण में समन्वय और संचालन अमूल्य सिन्हा ने किया। सुप्रसिद्ध पाश्र्व गायक-अभिनेता-लेखक किशोर कुमार की जयंती-स्मृति को समर्पित प्रतियोगिता में प्रीती राज, राजू सिन्हा ने किशोर कुमार के गीत गाए और अमृता पांडेय ने स्वतंत्र नृत्य-प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता का शुभारंभ पारंपरिक लीक से अलग नन्हें बच्चों अंशु सिन्हा, ध्रुव राज, दृष्टि, अर्णव द्वारा दीप-प्रज्ज्वलन कर किया गया। अंत में उप कोषाध्यक्ष नंदकुमार सिंह  ने धन्यवाद-ज्ञापन किया।
इस अवसर पर अतिथियों, कलाकारों, मीडिया प्रतिनिधियों अरुण कुमार गुप्ता, डा. निर्मल कुमार, डा. नवीन नटराज, अभियंता विनय चंचल, प्रो. अजीत सिंह, प्रो. दिग्विजय सिंह, बबल कश्यप, वेदप्रकाश शर्मा, प्राचार्य आरपी शाही, संजय सिंह बाला, प्रो. रणधीर सिन्हा, नंदन आदि, आफताब राणा, सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, सुमन्त मिश्र, कौशलेन्द्र कुशवाहा आदि,  वारिस अली, विकास चंदन, गौतम शर्मा, रामअवतार सिंह चौधरी, रविकेश उपाध्याय, मिथिलेश कुमार, रामजी रंजन आदि के साथ संस्था के संस्थापक मंडल के सदस्य उपेंद्र मिश्र, जगनारायण पांडेय, भूपेन्द्रनारायण सिंह, अवधेशकुमार सिंह, चंद्रगुप्त मेहरा, पारसनाथ सिंह, उपाध्यक्ष उपेन्द्र कश्यप, संयुक्त सचिव मनीष कुमार सिंह उज्जैन, वरिष्ठ सदस्य कपिलमुनि पांडेय, अनिल पाठक, गुप्तेश्वर ठाकुर, सुधांशु ओझा, ओमप्रकाश सिंह, अनिल कुमार, धनजी सिंह, संजीव कुमार, ओमप्रकाश ओम, आलोक कुमार, रामनारायण प्रसाद आदि प्रतियोगिता आयोजन के विभिन्न उपक्रमों में शामिल थे।
(रिपोर्ट, तस्वीर : निशांतकुमार राज)

 

सफलता के लिए पर्याप्त नहीं किताबी ज्ञान : डा. पीके पाढी

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। गोपालनारायण सिंह विश्वविद्यालय (जेएनएसयू) में प्रोफेशनल कोर्स ओरिएंटेशन वर्ग को संबोधित करते हुए बरहमपुर विश्वविद्यालय (उडीसा) के पूर्व उपकुलपति डा. पीके पाढी ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। जरूरत और माहौल के अनुसार खुद को ढालकर उचित प्रबंधन से सफल व्यक्तित्व का निर्माण करना होता है। कई बार छोटे-छोटे ज्ञान के आधार पर भी व्यक्ति सफलता के शिखर तक पहुंचता है। जेएनएसयू के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्रनारायण सिंह के अनुसार, 6 अगस्त को व्याख्यान-माला के अंतिम दिन डा. आरएन महंता (वसंत कालेज, बीएचयू) और प्रो. अजहर काजमी (किंग फहद विश्वविद्यालय, सऊदी अरबिया) अपने विचार रखेंगे।

एक अन्य समाचार के अनुसार, नारायण चिकित्सा महाविद्यालय (एनएमसीएच) द्वारा ताराचंडी पीठ पूजा समिति के अध्यक्ष रविरंजन सिंह के आग्रह पर एनएमसीएच के प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह के निर्देशानुसार निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर तीन सौ से अधिक मरीजों का चिकित्सकीय और पैथोलाजिकल परीक्षण किया गया। यह शिविर 11 अगस्त को भी वहां लगाया जाएगा।

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