मुख्यमंत्री के हाथ में सुनो मैं समय हूं / डेहरी में नृत्य-गायन के कलाकारों का मिनी कुंभ

कृष्ण किसलय ने भेंट की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को  पुस्तक

पटना (बिहार)/देहरादून (उत्तराखंड)-विशेष प्रतिनिधि। नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया से इसी वर्ष प्रकाशित चर्चित पुस्तक सुनो मैं समय हूं, पिछले सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के हाथ मेें थी। पुस्तक पर उनकी तात्कालिक प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं हो सकी, पर संभव है कि उनकी प्रतिक्रिया बाद में सामने आए। पुस्तक के रचनाकार वरिष्ठ लेखक-पत्रकार कृष्ण किसलय ने मुख्यमंत्री श्री रावत को पुस्तक भेंटकर बताया कि यह किताब अपनी विषय-वस्तु की, खासकर ब्रह्मांड और जीवन के उद्भव-विकास के बारे में हिन्दी में अब तक की सबसे प्रमाणित पुस्तक है, क्योंकि इसमें 21वीं सदी में हुए वैज्ञानिक खोज-शोध की अद्यतन जानकारी शामिल है। कृष्ण किसलय ने बताया कि यह एक तरह से हजारों सालों के विज्ञान का संक्षिप्त इतिहास भी है।


कृष्ण किसलय ने मुख्यमंत्री को याद दिलाई कि उनसे दस साल बाद मुलाकात हो रही है। तब त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड सरकार के कृषि मंत्री थे और कृष्ण किसलय दैनिक जागरण में पालिटिकल रिपोर्टर (वरिष्ठ संवाददाता, राज्य ब्यूरो) थे। 2017 में श्री रावत मुख्यमंत्री बने तो कृष्ण किसलय ने उन्हें बधाई संदेश भेजा, जिसका श्री रावत ने जवाब दिया था। पिछले सोमवार को हिमालयी राज्य उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर पाक्षिक पत्रिका चाणक्य मंत्र का एक साल पूरा होने पर एक औपचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें कृष्ण किसलय ने भी इस पत्रिका के पटना (बिहार) से प्रतिनिधित्व करने के नाते भाग लिया। कृष्ण किसलय ने कार्यक्रम खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री को अपनी पुस्तक भेंट की।

कार्यक्रम में पाक्षिक चाणक्य मंत्र के समूह संपादक रणविजय सिंह (राष्ट्रीय सहारा के पूर्व समूह संपादक ), चाणक्य मंत्र से जुड़े उत्तराखंड से प्रधान संपादक धर्मपाल धनखड़, अमरनाथ सिंह (वरिष्ठ पत्रकार देहरादून),  संपादकीय, प्रसार, विज्ञापन, मुद्रण विभागों की पूरी टीम,  उत्तर प्रदेश, अन्य राज्य झारखंड से वरिष्ठ पत्रकार रजत गुप्ता, बिहार से कृष्ण किसलय, निशांतकुमार राज आदि के साथ विशेष रूप से उत्तराखंड सरकार के सूचना आयुक्त जेपी ममगाईं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरबंस कपूर ने भाग लिया।

देहरादून की अति संक्षिप्त-यात्रा के दौरान कृष्ण किसलय ने पुस्तक (सुनो मैं समय हूं) की प्रथम लेखकीय प्रति डा. अतुल कृष्ण को भेंंट की। डा. अतुल कृष्ण देहरादून में नहीं थे। उनकी पुस्तक-प्रति दैनिक प्रभात (देहरादून संस्करण) के वरिष्ठ राज्य ब्यूरो रिपोर्टर जाहिद अली ने राजकीय अतिथिगृह आफिसर्स ट्रांजिट हास्टल (रेसकोर्स) से प्राप्त की, जहां दूसरे स्थानों से पहुंचे चाणक्य मंत्र के लेखक-पत्रकार ठहरे हुए थे। डा. अतुल कृष्ण उत्तर भारत के सबसे बड़े निजी विश्वविद्यालय सुभारती (मेरठ), रासबिहारी बोस विश्वविद्यालय (देहरादून) और सुभारती मीडिया लिमिटेड के संस्थापक हैं। वह पुस्तक की पांडुलिपि के प्रथम पाठक रहे हैं। उन्होंने पांडुलिपि तब पढ़ी थी, जब कृष्ण किसलय बहुसंस्करणीय दैनिक प्रभात (सुभारती मीडिया लिमिटेड) में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मेरठ मुख्यालय में एसोसिएट एडीटर थे।

देहरादून में पुस्तक (सुनो मैं समय हूं) की तीसरी प्रति पत्रकार रहे वित्त अधिकारी प्रकाशचंद्र लोहनी को उनके कारगी आवास पर निशांतकुमार राज ने पिता कृष्ण किसलय की ओर से भेंट की। श्री लोहनी पिछले महीने से बीमार हैं। जब दैनिक जागरण में कार्यरत कृष्ण किसलय पटेलनगर (देहरादून) में रहते थे, तब श्री लोहनी का परिवार वर्षों तक पड़ोसी रहा।

(रिपोर्ट : निशांतकुमार राज, प्रबंध संपादक, सोनमाटी मीडिया समूह

तस्वीर : चाणक्य मंत्र और निशांतकुमार राज)

 

 

किशोर जयंती : नृत्य-गायन कलाकर्मी बिखेरेंगे अपना जलवा

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-विशेष प्रतिनिधि। रोहतास और औरंगाबाद के नृत्य-गायन के पांच दर्जन कलाकर्मी स्टेशन रोड अवस्थित त्रिमूर्ति वाटिका (पूर्व सिनेमाघर) में अपने कला का जलवा बिखेरेंगे। अवसर होगा सुप्रसिद्ध सिने गायक, अभिनेता, लेखक की किशोर कुमार की जन्मतिथि का। नवगठित सांस्कृतिक सर्जना की संवाहक संस्था सोन कला केेंद्र की ओर से संयोजित नृत्य प्रतियोगिता 2019 के अंतर्गत एकल और समूह नृत्य की प्रस्तुति में तरुण-युवा कलाकारों के साथ बाल कलाकार भी अपने प्रदर्शन की झलक दिखाएंगे। इस मौके पर शहर के वरिष्ठ रंगकर्मियों, नृत्य-गायन के कलाकारों और समाजसेवियों को आमंत्रित किया गया है।
(रिपोर्ट : निशांतकुमार राज)

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