एनएमसीएच में कार्यशाला / आरा में पत्रकार गोष्ठी / सासाराम में श्रद्धांजलि-सभा

एनएमसीएच में बिहार की चिकित्सा शिक्षा की प्रथम आधार पाठ्यक्रम पुनरीक्षण कार्यशाला

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल (एनएमसीएच) में छह दिनों में दो कार्यशालाएं संपन्न होंगी। चिकित्सकों के लिए आधार पाठ्यक्रम पुनरीक्षण (बेसिक कोर्स रिवाइज) की पहली कार्यशाला आरंभ हो चुकी है। इस कार्यशाला के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद की ओर से डा. नितिन नेमा पर्यवेक्षक के रूप में भेजे गए हैं, जो तीन दिनों तक बने रहकर कार्यशाला की योग्यता स्तर का निर्धारण करेंगे। वह यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्यशाला से चिकित्सकों को अपने कार्य (चिकित्सा शिक्षण) में कितना कितना सटीक लाभ प्राप्त हुआ? इस कार्यशाला में एनएमसीएच के 27 चिकित्सक भाग ले रहे हैं। भारतीय चिकित्सा परिषद के पर्यवेक्षक डा. नितिन नेमा दूसरे स्तर पर यह भी देखेंगे कि कार्यशाला को संबोधित करने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों का व्याख्यान कितना प्रमाणिक, कितना अद्यतन और कितना समयानुरूप है? कोर्स रिवाइज की इस कार्यशाला के बाबत डा. नितिन नेमा भारतीय चिकित्सा परिषद को एनएमसीच की आंतरिक शिक्षा संरचना और संसाधन से संबंधित अपनी रिपोर्ट सौपेंगे। डा. नितिन नेमा भारतीय चिकित्सा परिषद के क्षेत्रीय केेंद्र की चिकित्सा शिक्षा इकाई के लिए मनोनीत वरिष्ठ सदस्य हैं, जो इंदौर (मध्य प्रदेश) में श्रीअरविंद मेडिकल कालेज एंड पीजी इंस्टीट्यूट में चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं।
बेसिक कोर्स रिवाइज (आधार पाठ्यक्रम पुनरीक्षण) कार्यशाला के बाद एनएमसीएच में आरंभ होने वाली सीआईएसपी कार्यशाला भी तीन दिनों की होगी। इस कार्यशाला के समन्वयक एनएमसीएच के चर्म रोग विभाग के अध्यक्ष डा. पुनीत कुमार सिंह हैं और डा. मुकेश, डा. नदीम, डा. अशोक देव, डा. जितेंद्र कुमार, डा. अंशुमान डा. राणाप्रताप इसके संसाधन सहयोगी हैं। यह जानकारी गोपालनारायण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डा.एमएल वर्मा ने दी। डा. वर्मा ने बताया कि समय की आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकों के योग्यता-विस्तार के लिए आयोजित बेसिक कोर्स रिवाइज वर्कशाप बिहार में पहली कार्यशाला हैं, जो महत्वपूर्ण है और जिससे चिकित्सकीय दक्षता में इजाफा होगा।
(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, एनएमसीएच)

 

 

 

पत्रकार से सचेत और निष्पक्ष रहने की होती है समाज की अपेक्षा

आरा (भोजपुर)-सोनमाटी संवददाता। गीता महिला उत्थान समिति सभागार में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की आरा इकाई के तत्वावधान में पत्रकार और समाज विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक और साहित्यांजलि प्रभा के संपादक डा. भगवान प्रसाद उपाध्याय थे। अध्यक्षता राष्टीय संगठन सचिव डा. बिमलेश कुमार ने की और मंच संचालन राष्ट्रीय महासचिव अशोक कुणाल ने किया। कार्यक्रम आरंभ राष्ट्रीय संगठन सचिव मणि कुमार पांडेय, प्रांतीय मुख्य महासचिव रामनारायण पाठक, प्रांतीय महासचिव अमन कुमार, महासचिव पटना मधेश्वर विश्वकर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। वक्ताओं ने कहा कि समाज और पत्रकार परस्पर पूरक हैं। सामाजिक विसंगतियों को दूर करने में मीडिया की भूमिका होती है। पत्रकार से सचेत और निष्पक्ष रहने की समाज की अपेक्षा होती है। श्रमजीवी प्रत्रकार यूनियन के जिला संयोजक नरेंद्र सिंह, समाज सेविका पूनम देवी और अन्य ने संगोष्ठी को संबोधित किया।
(व्हाट्सएप सूचना)

 

 

डा. बुद्धनाथ प्रसाद श्रीवास्तव को दी गई श्रद्धांजलि

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। वह चंदन भी क्या चंदन है, जो अपना भी वन महका न सका, वह जीवन भी क्या जीवन है, जो गैरों के काम भी आ न सका। इन पंक्तियों के साथ शिक्षाविद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विभिन्न संगठनों से जुड़े डा. बुद्धनाथ प्रसाद श्रीवास्तव की स्मृति में उनके कुराईच स्थित आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सासाराम और रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने डा. बुद्धनाथ प्रसाद श्रीवास्तव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन की सक्रियता और उपलब्धियों की जानकारी दी। डा. बुद्धनाथ प्रसाद श्रीवास्तव का निधन वाराणसी में इलाज के क्रम में 25 जून को हो गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विश्वविद्यालय प्रोफेसर डा. नंदकिशोर तिवारी, प्रो. नंदजी दुबे, ऋषि अंजन, प्राचार्य डा. गुरुचरण सिंह, बाल विद्या मंदिर परिवार के अध्यक्ष नवीन सिन्हा, प्रवक्ता अर्जुन कुमार, कवि सिपाही पांडेय मनमौजी, प्रो. महेंद्र सिंह आदि ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए बुद्धनाथ प्रसाद श्रीवास्तव के व्यापक सामाजिक व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। बताया कि जीवन का उद्देश्य आलस्य, क्षणिक आनंद में नहीं बल्कि मानवता के प्रति समर्पित करने में निहित है। डा. बुद्धनाथ प्रसाद श्रीवास्तव ने अति साधारणता से उठकर ऊंचाई प्राप्त की थी। श्रद्धांजलि सभा का संचालन रंगलाल गुप्ता ने किया।
(रिपोर्ट, तस्वीर : अर्जुन कुमार, प्रवक्ता, बाल विद्या मंदिर परिवार, सासाराम)

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