ठीक हुए 517 मरीजों में 52 रोहतास के/ एनएमसीएच का ओपीडी चालू/ प्रवासियों को रोज लेकर आएगी विशेष श्रमिक रेलगाड़ी

52 मरीज स्वस्थ हो घर गए, 29 का जारी है इलाज

पटना/डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-विशेष संवाददाता। बिहार में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों का ग्राफ दिन-ब-दिन ऊपर चढ़ता जा रहा है। अब तक कुल 1495 संक्रमितों में से 517 ठीक होकर अस्पतालों से अपने घर जा चुके हैं। 09 की मौत भी हुई है। रोहतास जिला में कोरोना मरीजों की संख्या 90 पहुंच चुकी है, जिसमें से एक की मौत हुई है। जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल (एनएमसीएच) से स्वस्थ हुए एक महिला सहित 11 मरीजों को उनके घर भेजा गया। अब तक एनएमसीएच से कुल 52 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। अब यहां 29 मरीज इलाजरत है। रोहतास जिला के 08 कोरोना पाजिटिव मरीजों को इलाज के गया और पटना रेफर किया गया था। एनएमसीएच के सचिव गोविंद नारायण सिंह और प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह के नेतृत्व में तालियों की संयुक्त थाप के साथ अस्पताल से दवा, साुबन, मास्क, सैनिटाइजर, गलब्स आदि देकर और घर में रहने का तरीका बताकर स्वस्थ हुए लोगों को घर भेजा गया। इस अवसर पर कुलपति डा. एमएल वर्मा, प्राचार्य डा. एसएन सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रभात कुमार, प्रशासक डा. बीके रमण, कोविड-19 के नोडल अधिकारी डा. अभिषेक कामेन्दु, डा. अमित किशोर, महाप्रबंधक (संचालन) उपेद्र कुमार सिंह, प्रभारी अधीक्षक (परिचारिका) शशांक कुमार सिंह, नर्सिंग प्रभारी (कोविड-19) बलिराम मिश्र, ओपीडी उद्घोषक राजकुमार गुप्ता, कोविड वार्ड प्रभारी संदीप कुमार आदि मौजूद थे।

शुरू हुआ बंद पड़ा एनएमसीएच का ओपीडी

उधर, एनएमसीएच का लाकडाउन के कारण एहतियातवश बंद कर दिया गया अस्पताल ओपीडी शुरू कर दिया गया है। सामान्य मरीजों की समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। एनएमसीएच के प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने जानकारी दी कि अस्पताल का ओपीडी पूर्व की भांति ही कार्य करेगा, मगर मरीज, चिकित्सक, स्टाफ सबके लिए संभव शारीरिक दूरी का पालन करने की शर्त है। आने वाले मरीजों को निबंधन के समय ही मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रतीक्षा क्षेत्र में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बैठने की व्यवस्था की गई है।

रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह (पीआरओ, एनएमसीएच), इनपुट : पापिया मित्रा

सासाराम आई पहली रेलगाड़ी, लायंस क्लब ने भी ली श्रमिकों की खोज-खबर

(सासाराम जंक्शन पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन से उतरे प्रवासी)

पटना/सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। अब 27 मई तक हर दिन रेलगाडिय़ों से प्रवासी बिहारी घर लौटेंगे। राज्य सरकार के परिवहन सचिव संजय अग्रवाल के अनुसार, 18 प्रदेशों से आठ लाख प्रवासी 450 रेलगाडिय़ों से लाए जाएंगे। जबकि 365 रेलगाडिय़ों से पांच लाख प्रवासी आ चुके हैं। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में लाकडाउन में फंसे रोहतास और पड़ोसी जिलों के श्रमिकों को लेकर पहली बार सासाराम जंक्शन पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सासाराम रेलवे स्टेशन पर उतरे 16 सौ प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को सदर एसडीओ राजकुमार गुप्ता और कार्यपालक दंडाधिकारी चंद्रमा राम के नेतृत्व में अलग-अलग बसों में बैठाकर भेजा गया। इस ट्रेन से उतरे शत्रुघ्न, आफताब आलम, सोनू पांडेय, नसीमा खातुन, सबीना खातुन, सुनील कुमार, मीरा देबी आदि का कहना है कि दादरी स्टेशन पर ट्रेन टिकट शुल्क नहीं लिया गया और स्क्रीनिंग कर फूड पैकेट, पानी का बोतल दिया गया। दादरी से सासाराम जंक्शन का किराया 465 रूपये है। सुबह मुगलसराय मेंं गाड़ी पहुंचने पर सभी को दो सलाइस ब्रेड, पानी नाश्ता के रूप में दिया गया। सासाराम पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की और फिर स्टेशन परिसर में खड़ी बसों में बैठाया गया। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद, वार्ड-14 के विशाल कुमार, सचिदानन्द राय, पवन कुमार, पप्पू कुमार यादव, गणेश तिवारी, अरूण कुमार, सतीश कुमार, जितेन्द्र कुमार की ओर से प्रवासी मजदूरों को पानी के बोतल दिए। उधर, लाकडाउन में मोहनिया के निकट जाम में फंसे ट्रक ड्राइवरों और मजदूरों को पानी का बोतल, बिस्कुट और खाने के पैकेट लायंस क्लब आफ सासाराम ईस्ट के सदस्यों की ओर से वितरित किए गए। राहुल वर्मा, नागेन्द्र कुमार, दीपक कुमार, श्यामसुन्दर जयसवाल, रजनीश, अभिषेक राय, पवन कुमार प्रिय, सुशील कुमार सोनी की ओर से पेयजल और खाद्य सामग्री का वितरण किया गया।

रिपोर्ट, तस्वीर : अर्जुन कुमार, इनपुट : पापिया मित्रा

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