भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का प्रांतीय अधिवेशन कौशाम्बी में

मंझनपुर, कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश)-सोनमाटी संवाददाता। संपादकों-पत्रकारों और पत्रकार संगठनों का साझा मंच भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का 18वां प्रादेशिक अधिवेशन 26 अक्टूबर को कौशांबी में आयोजित हो रहा है। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की उत्तर प्रदेश प्रांतीय इकाई के अध्यक्ष मथुरा प्रसाद धुरिया की अध्यक्षता में होने वाला यह अधिवेशन भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौर के यशस्वी संपादक गणेशशंकर विद्यार्थी की स्मृति को समर्पित होगा। अधिवेशन में उत्तर प्रदेश और दूसरे प्रदेशों के भी पत्रकार भाग लेंगे।


भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रांतीय मुख्य महासचिव सच्चिदानंद मिश्र के अनुसार, गत 19 वर्षों से सक्रिय यह महासंघ अब 2019 से अपने सदस्यों को सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ देने जा रहा है, जिसकी घोषणा प्रादेशिक अधिवेशन में की जाएगी। अधिवेशन में मौजूदा सामयिक चुनौतियों पर चर्चा होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

सच्चिदानंद मिश्र के अनुसार, इस संगठन (भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ) का विस्तार इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मुनेश्वर मिश्र के नेतृत्व में 14 प्रदेशों में हो चुका है और इसकी इकाइयां उत्तर प्रदेश के 50 जनपदों में स्थापित हो चुकी हैं। महासंघ द्वारा मासिक बुलेटिन (साहित्यांजलि प्रभा) और वार्षिक संवाददाता डायरी का प्रकाशन किया जाता है। इस संगठन की ओर से हर माह कहीं न कहीं कार्यक्रम का आयोजन होता है और उस अवसर पर पत्रकारों को सम्मानित किया जाता है।

(रिपोर्ट : डा. भगवान प्रसाद उपाध्याय)

 

आरटीआई : मथुरा प्रशासन असमंजस में, क्या दे कृष्ण के जन्म का प्रमाण?

मथुरा (उत्तर प्रदेश)-सोनमाटी समाचार। सूचनाधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता जैनेन्द्र कुमार गेंदले ने मथुरा जिला प्रशासन से भगवान कृष्ण के जन्म, उनके गांव, उनके भगवान होने आदि के संबंध में जानकारी और सबूत मांगे हैं। मथुरा जिला प्रशासन असमंजस में है कि क्या जवाब दिया जाए? छत्तीसगढ़ के इस आरटीआई कार्यकर्ता ने जिला प्रशासन से पूछा है कि 3 सितंबर को देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर अवकाश घोषित कर भगवान कृष्ण का जन्मदिन मनाया गया। इसलिए कृपया उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रमाणपत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए, जिससे यह सिद्ध हो कि उनका जन्म उसी दिन हुआ था। यह भी पूछा है कि उन्हें बताया जाए कि क्या वे सच में भगवान थे और उनके भगवान होने की प्रमाणिकता भी उपलब्ध कराई जाए।

मथुरा जिला प्रशासन फिलहाल कर रहा विचार-मंथन

सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए इस सवाल के बाद मथुरा जिला के एडीएम (कानून-व्यवस्था) रमेश चंद्र का कहना है कि हिन्दू धर्म से संबंधित ग्रंथों में इस प्रकार के वर्णन हैं कि भगवान कृष्ण का जन्म द्वापर युग में तत्कालीन शौरसेन (वर्तमान में मथुरा) जनपद में हुआ था और उन्होंने यहां के राजा कंस का वध करने के बाद द्वारिका गमन किया था। धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे सवाल के क्या जवाब दिए जाएं, इस पर मथुरा जिला प्रशासन फिलहाल विचार-मंथन कर रहा है।

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