आईसीएआर पटना में 22वीं अनुसंधान सलाहकार समिति की बैठक शुरू, जलवायु-स्मार्ट कृषि पर जोर

पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में गुरुवार को 22वीं अनुसंधान सलाहकार समिति (आरएसी) की बैठक शुरू हुई। बैठक का उद्देश्य संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों की समीक्षा करना तथा पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार और झारखंड के किसानों के लिए उपयोगी कृषि अनुसंधान एवं नवीन तकनीकों के विकास को नई दिशा देना है।


बैठक की अध्यक्षता आईसीएआर के पूर्व उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. ए. के. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु और सीमित संसाधनों के बीच लघु एवं सीमांत किसानों के लिए जलवायु-अनुकूल, संसाधन-कुशल और किसान-केंद्रित तकनीकों का विकास समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जल उपयोग दक्षता, पोषक तत्व उपयोग दक्षता, अम्लीय मृदाओं पर अनुसंधान तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को प्राथमिकता देने पर बल दिया।


आईसीएआर के सहायक महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. राकेश कुमार ने संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य के अनुसंधान राष्ट्रीय कृषि प्राथमिकताओं के अनुरूप होने चाहिए। उन्होंने जलवायु-स्मार्ट गांवों के विकास, कोयला खनन से प्रभावित क्षेत्रों के पुनरुद्धार तथा छोटे किसानों के लिए उपयोगी तकनीकों के विकास पर विशेष जोर दिया।


आरएसी के सदस्य डॉ. सी. एल. आचार्य, डॉ. आजाद सिंह पंवार, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. महेश गाथाला तथा डॉ. के. के. बरुआ ने भी संस्थान के अनुसंधान एवं कृषि प्रसार कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।


संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों, चल रही अनुसंधान परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्थान केवल गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित एवं प्रमाणित कृषि तकनीकों को प्रशिक्षण, प्रसार कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पहुँचाने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


बैठक से पूर्व समिति के सदस्यों ने वैज्ञानिकों के साथ धान की रोपाई कर कृषि कार्यों में सहभागिता निभाई। इसके बाद उन्होंने संस्थान के अनुसंधान प्रक्षेत्रों का भ्रमण कर समेकित कृषि प्रणाली, प्राकृतिक खेती, धान-परती भूमि प्रबंधन, पोषण वाटिका तथा ओपन टॉप चैंबर सहित विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान आम और अमरूद के पौधे भी लगाए गए।


कार्यक्रम में संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों एवं उत्पादों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। साथ ही चार महत्वपूर्ण कृषि प्रकाशनों का विमोचन किया गया। कृषि अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जी-बायोम प्राइवेट लिमिटेड के साथ सूक्ष्मजीवी इनोकुलेशन कल्चर के उपयोग संबंधी एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।


तकनीकी सत्रों में संस्थान के विभिन्न अनुसंधान प्रभागों तथा बक्सर और रामगढ़ कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रमुखों ने अनुसंधान उपलब्धियों, नई कृषि तकनीकों, प्रसार गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अनुसंधान सलाहकार समिति के सदस्य सचिव डॉ. पी. सी. चंद्रन ने किया।





Share
  • Related Posts

    केंद्रीय हिंदी निदेशालय की व्याख्यानमाला के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय चयनित, महाराष्ट्र में देंगे व्याख्यान

    देहरादून/हरिद्वार (उत्तराखंड)। चमन लाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. सुशील उपाध्याय का चयन भारत सरकार के केंद्रीय हिंदी निदेशालय की प्रतिष्ठित ‘प्राध्यापक व्याख्यानमाला’ योजना के लिए किया गया…

    Share

    राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को नराकास का विशेष पुरस्कार

    पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को भारत सरकार की राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (केंद्रीय कार्यालय), पटना (नराकास)…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    केंद्रीय हिंदी निदेशालय की व्याख्यानमाला के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय चयनित, महाराष्ट्र में देंगे व्याख्यान

    केंद्रीय हिंदी निदेशालय की व्याख्यानमाला के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय चयनित, महाराष्ट्र में देंगे व्याख्यान

    राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को नराकास का विशेष पुरस्कार

    राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को नराकास का विशेष पुरस्कार

    जीएनएसयू और एनएमसीएच को तीन अंतरराष्ट्रीय आईएसओ प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रबंधन में मिली बड़ी पहचान

    जीएनएसयू और एनएमसीएच को तीन अंतरराष्ट्रीय आईएसओ प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रबंधन में मिली बड़ी पहचान

    जवाहर नवोदय विद्यालय कक्षा 6 प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 28 नवंबर को होगी चयन परीक्षा

    बीड़ी श्रमिकों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए बिहार में जागरूकता शिविर, आवेदन में मिली सहायता

    बीड़ी श्रमिकों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए बिहार में जागरूकता शिविर, आवेदन में मिली सहायता

    आईसीएआर पटना में 22वीं अनुसंधान सलाहकार समिति की बैठक शुरू, जलवायु-स्मार्ट कृषि पर जोर

    आईसीएआर पटना में 22वीं अनुसंधान सलाहकार समिति की बैठक शुरू, जलवायु-स्मार्ट कृषि पर जोर