जीएनएसयू में ‘दीक्षारंभ–2026’ के तहत पीएचडी शोधार्थियों का अभिमुखीकरण, शोध संस्कृति से कराया परिचय

डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू), जमुहार के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में मंगलवार को ‘दीक्षारंभ–2026’ के अंतर्गत पीएच.डी. शोधार्थी अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित शोधार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, शोध संस्कृति, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली तथा विभिन्न संकायों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रो-चांसलर गोविंद नारायण सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. जगदीश सिंह, कुलाधिपति के सलाहकार प्रो. डॉ. एम.के. सिंह तथा परीक्षा नियंत्रक सुदीप कुमार सिंह उपस्थित रहे।
पीएच.डी. समन्वयक प्रो. डॉ. विवेक शर्मा ने अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति, पीएच.डी. पाठ्यक्रम की संरचना तथा शोध से संबंधित विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।


परीक्षा नियंत्रक सुदीप कुमार सिंह ने परीक्षा प्रणाली, शोध की अर्हता एवं मूल्यांकन संबंधी नियमों की जानकारी दी। वहीं, आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्षा प्रो. डॉ. श्वेता शर्मा ने शोधार्थियों को लैंगिक संवेदनशीलता, सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण तथा संस्थागत नीतियों से अवगत कराया।


अपने संबोधन में कुलपति प्रो. डॉ. जगदीश सिंह तथा कुलाधिपति के सलाहकार प्रो. डॉ. एम.के. सिंह ने शोध के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए शोधार्थियों से समाज की समकालीन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने वाले नवाचारपूर्ण और उपयोगी अनुसंधान करने का आह्वान किया।


इस दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अधिष्ठाताओं एवं विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पीएच.डी. शोधार्थियों, संकाय सदस्यों एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने गुणवत्तापूर्ण, नैतिक और समाजोपयोगी अनुसंधान को उच्च शिक्षा की आधारशिला बताते हुए शोधार्थियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम के अंत में प्रो. डॉ. सुधांशु वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ ‘दीक्षारंभ–2026’ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।




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