65 करोड़ हाथी पांव के शिकार

20 राज्यों के 250 से ज्यादा जिलों में महामारी की तरह  है यह बीमारी

इससे शरीर का ढांचा बिगड़ता है और आती है विकलांगता

बिहार के रोहतास, औरंगाबाद जिला भी प्रभावित 

नई दिल्ली (सोनमाटी समाचार)। भारत में 65 करोड़ आबादी हाथी पांव ( एलिफेन्टाइसिस या लिंफेटिक फिलेरिएसिस) बीमारी की शिकार है।  भारत का लक्ष्य 2020 तक देश से इसका खात्मा करने का है।  राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में 2015 तक फिलेरिएसिस के खात्मे का लक्ष्य था, जिसे 2017 तक बढ़ाया गया। अब 2020 कर दिया गया है। हाथी पांव की बीमारी में पैर खासकर घुटने से नीचे का भाग बेतहाशा फूलकर बढ़ जाता है। इससे शरीर का ढांचा बिगड़ जाता है और विकलांगता आ जाती है।

हाथी पांव की बीमारी मच्छर के काटने से फैलती है। यह देश के 20 राज्यों के 250 से ज्यादा जिलों में महामारी की तरह फैला है और 65 करोड़ आबादी इसकी जद में है। इस बीमारी को खत्म करने के लिए प्रभावित जिलों में बड़े स्तर पर दवा पहुंचाने की योजना है। इससे बिहार के रोहतास, औरंगाबाद जिला भी प्रभावित हैं।

यह बीमारी कई तरह के लच्छे जैसे दिखने वाले पैरासाइटिक वर्म्स के कारण होती है। भारत में 99.4% मामले वुकेरेरिया वैनक्रॉफ्टी प्रजाति के कारण होते हैं। सिर्फ 0.6% मामलों के लिए ही ब्रुजिया मलेआए प्रजाति जिम्मेदार है। ये कीड़े 50 हजार माइक्रोफिलेरिआए (महीन लार्वा) पैदा करते हैं जो सीधे व्यक्ति के खून में दाखिल हो जाते हैं। ऐसे किसी व्यक्ति को जब मच्छर काटता है तो उसके जरिए यह दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है।

खून में माइक्रोफिलेरिआए की मौजूदगी वाला शख्स बाहरी तौर पर स्वस्थ नजर आ सकता है मगर उससे संक्रमण फैल रहा होता है। हालांकि जिन्हें फिलेरिएसिस या फाइलेरिया के कारण सूजन आ चुकी होती है, उनसे संक्रमण नहीं फैलता। उनमें लार्वा विकसित कीड़ा बन चुका होता है। ऐसे कीड़े इंसान के भीतर 5 से 8 साल तक, यहां तक कि इससे ज्यादा समय तक भी जी सकते हैं। ये लिंफ सिस्टम (रक्त में मौजूद रक्त कोशिका) को नष्ट कर देते हैं। हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि संक्रमित व्यक्ति में यह बरसों तक कोई लक्षण ही न दिखाए।

Share
  • Related Posts

    कृषि अनुसंधान परिसर पटना में स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 का शुभारंभ

    पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में बुधवार को ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’ का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग,…

    Share

    बीएड डिग्रीधारी प्राथमिक शिक्षकों के लिए छह माह का ब्रिज कोर्स शुरू, एनआईओएस से मिलेगा प्रमाणन

    नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को नई दिल्ली में प्राथमिक शिक्षक संबंधी शिक्षा (पीटीई) में छह माह के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पाठ्यक्रम…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    राजभाषा, साहित्य और सृजनात्मकता का मंच बना ‘विहार दर्शन’

    गांधी जयंती पर जन सहयोग से आरा जंक्शन के गड्ढे भरने की तैयारी

    गांधी जयंती पर जन सहयोग से आरा जंक्शन के गड्ढे भरने की तैयारी

    भिखारी ठाकुर रजत जयंती पर आरा में सजेगा लोक संस्कृति का मंच

    भिखारी ठाकुर रजत जयंती पर आरा में सजेगा लोक संस्कृति का मंच

    गरीब और अशिक्षितों को मुख्यधारा से जोड़ना हर व्यक्ति का दायित्व : अरविंद दूबे

    गरीब और अशिक्षितों को मुख्यधारा से जोड़ना हर व्यक्ति का दायित्व : अरविंद दूबे

    जमुहार में सीबीएसई राष्ट्रीय बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन, श्रेयसी सिंह ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

    जमुहार में सीबीएसई राष्ट्रीय बालिका बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन, श्रेयसी सिंह ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह