वीरता और समर्पण का प्रतीक हैं हमारे पुलिस शहीद : डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि।देश की आंतरिक सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी वीरता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा है। इसी भावना के साथ मंगलवार को डेहरी पुलिस लाइन में पुलिस संस्मरण दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता शाहाबाद पुलिस प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने की।

उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया और कहा कि “पुलिसकर्मी सीमा के बाहर नहीं, बल्कि समाज के भीतर रहकर उन दुश्मनों से लड़ते हैं जो देश की आंतरिक शांति को भंग करना चाहते हैं। यह लड़ाई अधिक चुनौतीपूर्ण होती है।”

डीआईजी ने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 भारतीय पुलिस इतिहास का गौरवशाली दिन है, जब लद्दाख क्षेत्र में चीन के सैनिकों से मुठभेड़ के दौरान पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने असाधारण वीरता दिखाई और देश की रक्षा में शहीद हुए। उनकी याद में हर वर्ष देशभर में पुलिस संस्मरण दिवस मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष देशभर में 191 पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए हैं। इनमें बिहार के आठ वीर जवान—अनि प्रीतम रजक, सअनि राजीव रंजन मल्ल, जितेंद्र कुमार सिंह, हवलदार मिथिलेश कुमार, सिपाही शेखर पासवान, अशोक कुमार भगत, रविकांत कुमार और महिला सिपाही कोमल कुमारी शामिल हैं।

डीआईजी ने बताया कि 1987 से 2023 के बीच शहीद हुए नौ पुलिसकर्मियों की पत्नियों और आश्रितों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एसपी रौशन कुमार, एएसपी अतुलेश झा, साइबर डीएसपी गौरव यादव समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, जबकि पुलिस बल के जवानों ने शस्त्र झुका कर सलामी दी।

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