
पटना/भोजपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा मंगलवार को भोजपुर जिले के हेमतपुर एवं सिंघी टोला गांवों में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 70 किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को गोबर खाद के उपयोग के प्रति प्रेरित करना था, ताकि मिट्टी की उर्वराशक्ति में वृद्धि हो, जैविक कार्बन में सुधार आए तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम की जा सके।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में डॉ. शंकर दयाल एवं डॉ. विवेकानंद भारती उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को गोबर खाद तैयार करने की सरल विधि, खेतों में इसके सही उपयोग तथा इससे होने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोबर खाद के प्रयोग से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है और मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होता है।
विशेषज्ञों ने किसानों को जैव उर्वरकों के उपयोग के साथ-साथ रासायनिक खाद, जैविक खाद एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित प्रयोग की भी सलाह दी। किसानों ने गोबर खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग में गहरी रुचि दिखाई और विभिन्न सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
किसानों ने दुधारू पशुओं एवं बकरी जैसे छोटे पशुओं में रोग प्रबंधन तथा मछली पालन के लिए तालाब प्रबंधन संबंधी नियमित तकनीकी मार्गदर्शन की आवश्यकता भी व्यक्त की।कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मिट्टी के स्वास्थ्य सुधार, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए टिकाऊ खेती की तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया।





