
पटना। बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) की परियोजना समाशोधन समिति (पीसीसी) ने 23 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। समिति ने 16 औद्योगिक परियोजनाओं और 7 होटल प्रस्तावों के लिए कुल 31.78 एकड़ भूमि आवंटन की स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में लगभग 992.63 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे करीब 3200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा एवं आएडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न औद्योगिक और आतिथ्य क्षेत्र की परियोजनाओं पर विचार किया गया। स्वीकृत परियोजनाएं राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देंगी।
राज्य सरकार लंबे समय से बिहार को निवेश और उद्योगों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। नई स्वीकृत परियोजनाएं विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग, सेवा क्षेत्र और आतिथ्य उद्योग से जुड़ी हैं। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि पर्यटन और सेवा क्षेत्र को भी नया बल मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि होटल परियोजनाओं की संख्या बढ़ना इस बात का संकेत है कि बिहार में पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। होटल उद्योग के विस्तार से स्थानीय व्यापार, परिवहन, खानपान और अन्य सहायक क्षेत्रों को भी लाभ होगा। वहीं नई औद्योगिक इकाइयों के स्थापित होने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य से पलायन कम करने में मदद मिल सकती है।
हाल के महीनों में बिहार सरकार औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में राज्य में 11 मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने और उद्योगों के लिए 50 हजार एकड़ भूमि बैंक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सभी 38 जिलों में फूड पार्क विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इन पहलों का उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार संतुलित और समावेशी औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बियाडा के माध्यम से निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बेहतर बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी और सरल प्रक्रियाओं के जरिए निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।
समिति द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में खाद्य प्रसंस्करण, राइस मिल, पीईबी स्ट्रक्चर निर्माण, स्टील रूफिंग शीट, गारमेंट्स, कॉटन विक और अगरबत्ती निर्माण, करुगेटेड पेपर तथा अन्य विनिर्माण इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राज्य के औद्योगिक आधार को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
नई औद्योगिक इकाइयां फतुहा, बैजनाथपुर, गोरौल, समस्तीपुर, डोनार, बरारी, मरंगा, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र और हाजीपुर समेत विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी। प्रमुख स्वीकृत इकाइयों में अमूल डेयरी, शिव दुर्गा एग्रो, मूगी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, एमएसक्यू क्लोदिंग एलएलपी, बांका इंडस्ट्रीज, ऑनेस्टी ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड, श्री जी रूफिंग, सियाराम फूड इंडस्ट्रीज, ज्योति प्रिंटिंग वर्क्स, राजरानी टेक्सटाइल, ओम मंगलम और लीफडे बेकर्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा कई चार और पांच सितारा होटल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि स्वीकृत परियोजनाएं तय समय पर धरातल पर उतरती हैं तो बिहार की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे रोजगार सृजन, कर राजस्व में वृद्धि, सहायक उद्योगों का विकास और क्षेत्रीय आर्थिक संतुलन को मजबूती मिलेगी। साथ ही निवेशकों के बीच बिहार की सकारात्मक छवि और मजबूत होगी।





