
- नई आशा की कार्यशाला में ब्यूटी विशेषज्ञ सबिता प्रसाद ने स्वच्छता, मिट्टी चिकित्सा और आत्मनिर्भरता पर किया प्रेरित
कोईलवर (भोजपुर)। स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए गिद्दा सामुदायिक क्षेत्र में नई आशा द्वारा संचालित अलका सिलाई सह पढ़ाई केंद्र की छात्राओं के लिए स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आरा की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन एवं हेयर ड्रेसर सबिता प्रसाद ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, प्राकृतिक सौंदर्य देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया।
कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में शामिल आरा की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन एवं हेयर ड्रेसर सबिता प्रसाद ने कहा कि स्वस्थ और सुंदर जीवन के लिए स्वच्छता सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गरीबी कभी भी स्वच्छ रहने में बाधा नहीं बन सकती। नियमित स्नान, साफ कपड़े पहनना और घर-आसपास की सफाई रखने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है और समाज में सम्मान भी मिलता है।
सबिता प्रसाद ने कहा कि आज के समय में थोड़ी-सी शिक्षा और किसी कौशल का प्रशिक्षण लेकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि पहले लोग बालों और शरीर की देखभाल के लिए काली मिट्टी, तालाब की चिकनी मिट्टी और मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करते थे। आज यही पद्धति आधुनिक भाषा में क्ले थेरेपी, मड बाथ और डिटॉक्स थेरेपी के नाम से लोकप्रिय है। बड़े-बड़े वेलनेस सेंटर और रिसॉर्ट में लोग इसके लिए हजारों रुपये खर्च करते हैं, जबकि प्राकृतिक मिट्टी का सही उपयोग शरीर और बालों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
उन्होंने छात्राओं से प्रतिदिन स्नान करने, समय पर भोजन करने, साफ-सुथरे कपड़े पहनने और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की। इस दौरान आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में छात्राओं ने स्वच्छता एवं आत्मविश्वास से जुड़े विषयों पर संवाद भी किया।
कार्यक्रम में लवली देवी, संगीता देवी, आशा कुमारी सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और स्वच्छता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।





