निर्धन ग्रामीण परिवारों के बच्चों में बांटी गई पाठ्यसामग्री

दाउदनगर (औरंगाबाद)-सोनमाटी संवाददाता। भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से गांव के निर्धन ग्रामीण परिवारों के बच्चों में पाठ्यसामग्री बांटकर और अस्पताल के मरीजों के बीच फल वितरण कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई। जयंती का आयोजन शहर (दाउदनगर) से अलग मखरा गांव में भाजपा के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र यादव के आवास पर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि दीनदयाल उपाध्याय नेतृत्व गुण के स्वामी और अपनी तरह के श्रेष्ठ राष्ट्रवादी दार्शनिक थे। उन्होंने भारतीय राजनीति में समतामूलक विचारधारा का प्रत्यारोपण किया और आजीवन उसी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में जुटे रहे। उनकी मृत्यु 52 साल की उम्र में हुई। उनकी बताई गई राह पर ही चलकर भाजपा ने समाज के अंतिम पायदान के लोगों को सम्मान के साथ मुख्यधारा में शामिल करने की राजनीति को स्वीकार किया है। दुविधाग्रस्त और विरोधाभास से भरे राजनीतिक वातावरण में उन्होंने राजनीति की एक नई राह दिखाई थी।
भाजपा ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र यादव, भाजयुमो नगर अध्यक्ष श्याम पाठक, अभाविप नगर मंत्री रवि यादव, ओबरा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा के विस्तारक कमलेश दत्त पांडे, मंडल महामंत्री रंजन वर्मा, मीडिया प्रभारी सुमित भारती, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रकाश पासवान आदि के नेतृत्व में निर्धन परिवार को बच्चों को कलम, कापी आदि और अस्पताल जाकर मरीजों के बीच फल का वितरण किया गया।

ओबरा में लगाया गया स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, दो दर्जन से अधिक लोगों ने किया रक्तदान

ओबरा (औरंगाबाद)-सोनमाटी समाचार। सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ओबरा में मिशन जिंदगी के तहत स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। दो दर्जन से अधिक लोगों ने रक्तदान किया। सिविल सर्जन डा. अमरेंद्रनारायण झा, व्यापार मंडल अध्यक्ष गिरिश शर्मा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. एलएस दुबे, स्वास्थ्य प्रबंधक विकास शंकर, भाजपा नेता विभूति नारायण सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर शिविर का शुभारंभ किया।

सिविल सर्जन डा. अमरेंद्रनारायण झा  ने युवाओं को रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। कहा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता जरूरी है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है।  रक्त से किसी दूसरे की जिंदगी बचती है। आम लोगों में यह धारणा है कि रक्तदान करने से कमजोरी होती है, परंतु ऐसी बात नहीं है। शरीर मे नए रक्त का संचार होता है। रक्तदान जरूर करना चाहिए।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. एलएस दुबे ने कहा कि रक्तदान करने से एक-दूसरे की जिंदगी को बचाया जा सकता है। विशेष कर माताएं-बहनों को डिलेवरी के समय में रक्त की कमी होती है। रक्तदान  इन्हें जिंदगी प्राप्त होती है।

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