बच्चों ने राखियों में भरे रंग, विद्यार्थियों ने डेयरी उद्योग की समझ बढ़ाई

डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। रक्षाबंधन के उल्लास के साथ रचनात्मक गतिविधियों और विद्यार्थियों की व्यावहारिक शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। नारायण केयर बाल पुनर्वास केंद्र में ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों ने स्वयं आकर्षक राखियां बनाकर रक्षाबंधन मनाया। वहीं, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के एमबीए एवं बीबीए विद्यार्थियों ने रोहतास डेयरी का औद्योगिक भ्रमण कर डेयरी उद्योग की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।

रक्षाबंधन के अवसर पर नारायण केयर बाल पुनर्वास केंद्र, जमुहार में ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के साथ पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान आयोजित राखी निर्माण कार्यशाला में बच्चों ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में रंग-बिरंगी एवं आकर्षक राखियां तैयार कीं। बच्चों ने एक-दूसरे को राखी बांधकर प्रेम, स्नेह, विश्वास और भाईचारे का संदेश दिया।

डॉ. आशीष कुमार ने कहा कि सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सामाजिक, भावनात्मक और व्यवहारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ती है तथा समाज के साथ उनका जुड़ाव मजबूत होता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षक गुलजार अहमद, प्रगति मौर्य, अमन, भास्कर कुमार एवं संदीप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में बच्चों के बीच मिठाइयां बांटी गईं।

गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की ओर से ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत एमबीए एवं बीबीए फ्रेशर्स बैच के विद्यार्थियों को रोहतास डेयरी परियोजना (सुधा डेयरी), डेहरी-ऑन-सोन का औद्योगिक भ्रमण कराया गया।

विद्यार्थियों ने डेयरी में दुग्ध प्रसंस्करण, उत्पादन प्रक्रिया, परिचालन प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने औद्योगिक इकाई की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझते हुए कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर प्राप्त किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, प्रबंधकीय समझ, टीमवर्क एवं पेशेवर दृष्टिकोण विकसित करना था। आयोजन में फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन प्रो. (डॉ.) रजनीश रत्ना, डॉ. बी. एस. गुप्ता, श्रीमती पम्मी कुमारी एवं एम.डी. गौहर हसनैन का मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।

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