लोकतंत्र का महासमर : फोन पर होगा फैसला, बनेगा चुनावी खर्च का वल्र्ड-रिकार्ड !

–समाचार विश्लेषण/कृष्ण किसलय– 17वीं लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में होगा। देश के मतदाता सोच-समझ कर ही फैसला लेंगे, क्योंकि…

क्यों जरूरी है किसी भी मातृभाषा, लोकभाषा का व्यवहार में बना रहना ?

हर भाषा अपने समाज, अपने समय के साथ गुजरे हुए समय की व्यवहार-परंपरा, संस्कृति का इतिहास-कोष, विरासत होती है। उसके ठेठ शब्द भूतकाल के समाज, परिस्थिति की पहचान के साथ…

सोन घाटी में इतिहास का सफर : नागवंशियों के रोहतागढ़ से मुगलवंशियों के ताजमहल तक

वाट्सएप पर झारखंड के अध्यापक, लेखक और स्थानीय इतिहास के अन्वेषणकर्ता अंगद किशोर (जपला, हुसैनाबाद) ने टिप्पणी की है- बहुत सुन्दर आलेख।इनकी टिप्पणी के बाद याद आ गया दो दशक…

समाज ने क्या दिया : 20वींसदी के आठवें-नौवें दशक में आंचलिक रंगमंच का चर्चित नाटक

समर्पण : ‘समाज ने क्या दियाÓ के प्रथम संस्करण (1977) को इसके लेखक (कृष्ण किसलय) ने सोनमाटी-प्रेस (प्रिंटिंग मशीन) के संस्थापक (स्व. बिन्देश्वरी प्रसाद सिन्हा) को समर्पित किया था। सोनमाटी-प्रेस…

सत्तर सालों में क्या बन पाया मुकम्मल गणतंत्र ?

हमारा संविधान धर्मनिरपेक्ष होने की बात पर जोर देता है और ऐसे समाज के निर्माण की बात करता हैं, जिसमें सभी समान हों, सबको अपना हक मिले। मगर समाज कभी…

सवाल : हमसे स्कूल दूर या हम ही स्कूल से बाहर?

दिल्ली से सोनमाटी मीडिया समूह के प्रिंट एडीशन सोनमाटी और ग्लोबल न्यूज-व्यूज पोर्टल सोनमाटीडाटकाम के लिए बाल शिक्षण प्रविधि विशेषज्ञ और शिक्षा विषयों के लेखक कौशलेन्द्र प्रपन्न का लेख  …

कि गालिब को याद करके गा सकूं…

वरिष्ठ कवयित्री सरला माहेश्वरी का छठवां काव्य संग्रह पिछले दिनों प्रकाशित हुआ है। कवि-पत्रकार मनोज कुमार झा ने इस पुस्तक की सोनमाटीडाटकाम के पाठकों-दर्शकों के लिए वैचारिक टिप्पणी के साथ…

रंगयात्रा : डालमियानगर में अंगूर की बेटी, पैसा बोलता है से समाज ने क्या दिया तक

आज की हिन्दी की प्रख्यात उपन्यासकार, नाटककार, कहानीकार एवं रंगकर्मी मृदुला गर्ग दिल्ली विश्वविद्यालय में तीन सालों तक पढ़ाने के बाद बिहार के विश्वप्रसिद्ध सोन नद तट पर स्थित डालमियानगर…

सोनमाटी मीडिया समूह का प्रिंट एडीशन (सोनमाटी) का नया अंक बाजार में

1. संक्षिप्त संपादकीय : सर्वनाश-संकट (संपादक की कलम से) इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस संधि से अमेरिका के हटने और नए परमाणु हथियार बनाने की घोषणा से दुनिया एक बार फिर…

जिजीविषा : अम्मा कार्थियायनी ने पाया 96 साल में अक्षरज्ञान

भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मेरठ (पश्चिम उत्तर प्रदेश) से सोनमाटीडाटकाम के लिए वरिष्ठ पत्रकार ललित दुबे की प्रस्तुति भारतीय जिजीविषा, जीवटता का अप्रतिम उदाहरण हैं कार्थियायनी, जिन्होंने 96 साल…

You Missed

पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए रोहतास में हर बुधवार होगी समीक्षा बैठक
प्रगतिशील लेखक संघ का उदय: 1936 लखनऊ अधिवेशन से साहित्यिक क्रांति की शुरुआत
ज्ञान, संवाद और वैश्विक सहयोग का संदेश: नालंदा दीक्षांत में राष्ट्रपति का आह्वान
डब्ल्यूजेएआई, बिहार के कार्यकारी अध्यक्ष बने अक्षय आनंद
रोहतास में एनडीआरएफ की सीबीआरएन आपदा पर मॉक ड्रिल, आपदा तैयारी हुई और सुदृढ़