अतिथि कलम/फिल्म निर्माता-निर्देशक-अभिनेत्री आरती भट्टाचार्य : हवेली का वह हादसा महज वहम था या कुछ और…!
भोजपुरी, हिंदी, बंगला की प्रतिष्ठित फिल्म निर्माता-निर्देशक-अभिनेत्री आरती भट्टाचार्य ने ‘नवाब सिराजुद्दौलाÓ की शूटिंग के दौरान विचित्र अनुभव किया था, जो बतौर आपबीती संस्मरण प्रस्तुत है। इनकी भोजपुरी फिल्म ‘हमार…
उपचुनाव : कौन बनेगा डिहरी विधानसभा क्षेत्र का महारथी ?
डेहरी-आन-सोन (रोहतास, बिहार)-विशेष प्रतिनिधि। बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री, डिहरी के विधायक इलियास हुसैन के चुनाव लडऩे से अयोग्य होने के बाद इस विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में महारथी…
बिहार : गठबंधन के राजनीतिक परिदृश्य में निर्णायक कौन?
–समाचार विश्लेषण/कृष्ण किसलय– लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दृष्टिकोण से 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश के बाद 40 सीटों वाले बिहार का ज्यादा रणनीतिक महत्व है। बिहार में अपने दम-खम पर…
लोकतंत्र का महासमर : फोन पर होगा फैसला, बनेगा चुनावी खर्च का वल्र्ड-रिकार्ड !
–समाचार विश्लेषण/कृष्ण किसलय– 17वीं लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में होगा। देश के मतदाता सोच-समझ कर ही फैसला लेंगे, क्योंकि…
क्यों जरूरी है किसी भी मातृभाषा, लोकभाषा का व्यवहार में बना रहना ?
हर भाषा अपने समाज, अपने समय के साथ गुजरे हुए समय की व्यवहार-परंपरा, संस्कृति का इतिहास-कोष, विरासत होती है। उसके ठेठ शब्द भूतकाल के समाज, परिस्थिति की पहचान के साथ…
सोन घाटी में इतिहास का सफर : नागवंशियों के रोहतागढ़ से मुगलवंशियों के ताजमहल तक
वाट्सएप पर झारखंड के अध्यापक, लेखक और स्थानीय इतिहास के अन्वेषणकर्ता अंगद किशोर (जपला, हुसैनाबाद) ने टिप्पणी की है- बहुत सुन्दर आलेख।इनकी टिप्पणी के बाद याद आ गया दो दशक…
समाज ने क्या दिया : 20वींसदी के आठवें-नौवें दशक में आंचलिक रंगमंच का चर्चित नाटक
समर्पण : ‘समाज ने क्या दियाÓ के प्रथम संस्करण (1977) को इसके लेखक (कृष्ण किसलय) ने सोनमाटी-प्रेस (प्रिंटिंग मशीन) के संस्थापक (स्व. बिन्देश्वरी प्रसाद सिन्हा) को समर्पित किया था। सोनमाटी-प्रेस…
सत्तर सालों में क्या बन पाया मुकम्मल गणतंत्र ?
हमारा संविधान धर्मनिरपेक्ष होने की बात पर जोर देता है और ऐसे समाज के निर्माण की बात करता हैं, जिसमें सभी समान हों, सबको अपना हक मिले। मगर समाज कभी…
सवाल : हमसे स्कूल दूर या हम ही स्कूल से बाहर?
दिल्ली से सोनमाटी मीडिया समूह के प्रिंट एडीशन सोनमाटी और ग्लोबल न्यूज-व्यूज पोर्टल सोनमाटीडाटकाम के लिए बाल शिक्षण प्रविधि विशेषज्ञ और शिक्षा विषयों के लेखक कौशलेन्द्र प्रपन्न का लेख …
कि गालिब को याद करके गा सकूं…
वरिष्ठ कवयित्री सरला माहेश्वरी का छठवां काव्य संग्रह पिछले दिनों प्रकाशित हुआ है। कवि-पत्रकार मनोज कुमार झा ने इस पुस्तक की सोनमाटीडाटकाम के पाठकों-दर्शकों के लिए वैचारिक टिप्पणी के साथ…













