उन्नत कृषि तकनीक द्वारा धान परती भूमि प्रबंधन

पटना-कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास (प्रोजेक्ट लीडर) एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राकेश कुमार (परियोजना समन्वयक) के तत्वाधान में चलाई जा रही परियोजना उन्नत कृषि तकनीक धान परती भूमि प्रबंधन एवं किसानों का सशक्तिकरण विकास के अंतर्गत शुक्रवार को गया जिले के टेकारी प्रखंड के गुलेरियाचक ग्राम में 25 एकड़ रकवा पर कम अवधि की उच्च उपज क्षमता वाली धान उपरांत जलवायु अनुकूल उच्च पैदावार मसूर की प्रजाति (Pusha-4717 और PL – 8) का प्रत्यक्षण कार्यक्रम एवं किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थान द्वारा 25 एकड़ रकवा भूमि के लिए मसूर की उन्नत प्रजाति Pusha-4717 और PL – 8 का 400 किलोग्राम बीज किसानों को प्रत्यक्षण हेतु दिया गया।

बैठक में संस्थान के तकनीशियन राम कुमार मीना एवं प्रक्षेत्र सहयोगी श्रीकांत चौबे ने मसूर की उन्नत प्रजाति (Pusha -4717, PL -8) के बारे मे किसानों को अवगत कराया तथा कम अवधि की उच्चतम पैदावार धान (स्वर्ण श्रेया) एवं अरहर की प्रजाति IPL -203 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वैज्ञानिकों द्वारा धान कटाई उपरांत कम अवधि एवं उच्चतम पैदावार वाली दलहन और तिलहन के किसानों को सशक्त बनाने के लिए सराहनीय प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों को उचित लाभ मिल सके।

इस बैठक में किसान आशीष कुमार ने किसानों को धान परती भूमि प्रबंधन के बारे में बताया। संस्थान से आए कर्मचारियों ने प्रक्षेत्र भ्रमण किया एवं किसानों के साथ संवाद भी किया। इस बैठक मे किसान दिनेश चंद, पुनित बिद एवं लगभग 50 किसानों ने भाग लिया प्रगतिशील किसान आशीष कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्र, गया का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

( इनपुट : निशांत राज )

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