पीएम-किसान वेबकास्ट और कृषि प्रदर्शनी ने बढ़ाई किसानों की तकनीकी समझ

पटना- कार्यालय प्रतिनिधि। केंद्रीय कृषि-सम्बंधित कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बुधवार को पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी की गई। इस अवसर पर भाकृअनुप–पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में लाइव वेबकास्ट और कृषक–वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, वैज्ञानिक और संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गिरिराज सिंह, माननीय केंद्रीय मंत्री (वस्त्र मंत्रालय) ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि धान-गेहूँ जैसी पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर किसान दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, बागवानी एवं स्थानीय फसलों पर ध्यान दें, जिससे अधिक लाभ और बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली, पशुपालन, बकरी पालन और मशरूम उत्पादन की भी महत्ता बताई।वैज्ञानिकों ने रबी फसलों – गेहूं, चना, सरसों, मसूर आदि की उन्नत किस्मों, फसल प्रबंधन तकनीकों और उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने संस्थान के वैज्ञानिकों से बातचीत में मृदा कार्बन जाँच, ब्लैक बंगाल बकरी, सहजन, तथा गोबर आधारित उत्पादों पर अनुसंधान को और मजबूत करने की आवश्यकता जताई। इससे पहले संस्थान के निदेशक ने मंत्री महोदय का स्वागत कर संस्थान की उपलब्धियों और प्रगतिशील अनुसंधान कार्यों की जानकारी साझा की।

इस अवसर पर परिसर में कृषि प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें उन्नत कृषि तकनीक, बीज, उपकरण और मॉडल प्रदर्शन showcased किए गए। किसानों ने प्रक्षेत्र भ्रमण कर शोध कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और नई तकनीकों से परिचित हुए।यह कार्यक्रम संस्थान के कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची में भी आयोजित हुआ। कुल 460 प्रतिभागियों, जिनमें 336 किसान शामिल थे, ने कार्यक्रम में भाग लिया। किसानों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें सरकारी योजनाओं और नवीनतम कृषि तकनीकों की समझ में काफी लाभ मिलता है।कार्यक्रम का संचालन डॉ. उज्जवल कुमार, प्रभागाध्यक्ष (सामाजिक-आर्थिक एवं प्रसार) ने किया।

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