
डेहरी-आन-सोन (रोहतास) – निशांत राज। अभिनव कला संगम के तत्वावधान में आयोजित 34वीं अखिल भारतीय बहुभाषीय लघु नाट्य एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता के अंतिम दिन मंगलवार को शहर में भव्य रंग यात्रा निकाली गई। इस रंग यात्रा में देश के विभिन्न प्रदेशों से आए कलाकारों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विशिष्टताओं को दर्शाती आकर्षक झांकियां प्रस्तुत कीं।

रंग यात्रा का शुभारंभ ई. ललन सिंह स्पोर्टिंग क्लब से स्थानीय विधायक राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह, न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. उदय कुमार सिन्हा एवं डॉ. नवीन नटराज ने हरी झंडी दिखाकर किया। यात्रा कैनाल रोड, आंबेडकर चौक, डेहरी बाजार, पाला चौक, पाली रोड और स्टेशन रोड होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुँची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर शहरवासियों ने रंग यात्रा का भव्य स्वागत किया।
पारंपरिक परिधानों से सुसज्जित कलाकारों ने नृत्य, गीत और झांकियों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, सांस्कृतिक एकता और जन-जागरूकता के संदेश दिए।

मणिपुर की द कलर स्टार अकादमी के कलाकारों ने भगवान विष्णु के दशावतार को प्रस्तुत किया। गिरिडीह (झारखंड) की आईना संस्था ने मानव सभ्यता के क्रमिक विकास एवं आग के आविष्कार को दर्शाया। जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) की दर्पण नाट्य गोष्ठी की महिला कलाकारों ने पवित्र नदी गंगा को जननी मानते हुए पूजा और गीतों की प्रस्तुति दी।

ओड़िशा की सास्वती प्रोग्रेसिव ड्रामा ऑर्गनाइजेशन ने “विविधता में एकता” का संदेश दिया, वहीं जमशेदपुर (झारखंड) की कलाकृति संस्था ने देश को एकजुट रहने का आह्वान किया। पश्चिम बंगाल की जानवी संस्कृति चक्र ने व्यक्तिगत विकास को रेखांकित किया।
शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) के यूथ थिएटर ग्रुप ने नशा, दहेज प्रथा और “पृथ्वी बचाओ–पर्यावरण बचाओ” विषय पर झांकी प्रस्तुत की। धनबाद की एंटीक इंडियन्स संस्था ने नई तकनीक के कारण लुप्त होती कलाओं की पीड़ा को मंचित किया।

इसके अलावा असम के अतेंद्र जोबो मंच ने बिहू नृत्य, गिरिडीह कला संगम ने रंगमंच कलाकारों के संघर्षपूर्ण जीवन, इंफाल (मणिपुर) की विभिन्न संस्थाओं ने मणिपुरी लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी। कोलकाता दमदम मरीचिका ने “डांस टू इम्प्रेस”, राउरकेला पंचतत्व ने संबलपुरी नृत्य और गिरिडीह विज इंटरटेनमेंट फिल्म्स ने फोक डांस पैका प्रस्तुत किया।

इस दौरान उपस्थित कलाकारों और आयोजकों ने “भारत माता की जय” और “हर हर महादेव” के उद्घोष से वातावरण को देशभक्ति और सांस्कृतिक उल्लास से भर दिया।






