
डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। नववर्ष के अवसर पर शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति की ओर से शनिवार को ताराचंडी धाम स्थित बुढ़वा महादेव परिसर में वन भोज का आयोजन किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया और शाहाबाद क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को सहेजते हुए पर्यटन विकास को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शाहाबाद प्रक्षेत्र का इतिहास राजा हरिश्चंद्र काल से लेकर त्रेता युग, मध्यकाल और आधुनिक काल तक अत्यंत गौरवशाली रहा है। इसके बावजूद यह क्षेत्र आज भी पर्यटन मानचित्र पर अपेक्षित स्थान नहीं बना सका है। वक्ताओं ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पर्यटन की अपार संभावनाओं के बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है। इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है, ताकि सरकार प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्र का पर्यटकीय विकास सुनिश्चित कर सके।
बैठक के दौरान भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी पुरजोर ढंग से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि भोजपुरी न केवल जनभाषा है, बल्कि इसकी समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा रही है, जिसे संवैधानिक मान्यता मिलनी चाहिए।
इस अवसर पर डेहरी शहर की प्रमुख सांस्कृतिक संस्था अभिनव कला संगम की ओर से आयोजन समिति अध्यक्ष अखिलेश कुमार को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर “सोन गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्थान अध्यक्ष कमलेश कुमार, रणधीर सिन्हा एवं सिमल सिंह ने संयुक्त रूप से प्रदान किया।
कार्यक्रम में समाजवादी नेता बलिराम मिश्र, नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर कुशवाहा, कैमूर जिला परिषद सदस्य छोटन सिंह, लोक अभियोजक उपेंद्र कुमार, भीम आर्मी के प्रभारी अमित पासवान, पूर्व प्रमुख के.के. सिंह, पैक्स अध्यक्ष मिंटू सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अरविंद चौधरी, मुखिया अशोक भारद्वाज, जी.एम. अंसारी, बैंक अधिकारी ब्रजमोहन सिंह, रामनाथ सिंह, बिरेंद्र पासवान, संजय सिंह बाला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, पत्रकार, साहित्यकार, चिकित्सक एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने शाहाबाद क्षेत्र के समग्र विकास और पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।





