रोहतास किले में शाहाबाद महोत्सव: धरोहर संरक्षण और पर्यटन विकास का संकल्प


डेहरी -आन-सोन (रोहतास) – निशांत राज। कैमूर की ऐतिहासिक पर्वतमाला में अवस्थित रोहतास किला रविवार को एक बार फिर इतिहास का साक्षी बना, जब इसके प्राचीन प्रांगण में शाहाबाद महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। दीप प्रज्वलन कर वरिष्ठ आईपीएस विकास वैभव, बक्सर सांसद सुधाकर सिंह, झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एस.एन. पाठक, पूर्व थल सेनाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह, चेनारी विधायक मुरारी प्रसाद गौतम, सासाराम विधायक स्नेहलता कुशवाहा, जदयू नेता भगवान सिंह कुशवाहा, संयोजक अखिलेश कुमार व अन्य गणमान्यों ने महोत्सव का शुभारंभ किया।
इस दौरान रोहतास किले की संरक्षा एवं पर्यटन विकास का सामूहिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में शाहाबाद से विभाजित चारों जिलों—रोहतास, भोजपुर, कैमूर और बक्सर से भारी संख्या में लोग शामिल हुए।
महोत्सव में वक्ताओं ने शाहाबाद की समृद्ध संस्कृति, पुरातात्त्विक महत्व और गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला तथा इसे पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर बल दिया।

“कैमूर पर्वत श्रृंखला में आदिमानवों के शैलचित्र सहित अपार धरोहरें छिपी हैं। इन्हें संरक्षित कर इको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा सकता है।”
उन्होंने अपील की— “शाहाबाद की पहचान जाति-सम्प्रदाय से ऊपर है। सामूहिक प्रयास से ही इस गौरव को विश्व पटल पर स्थापित किया जा सकता है।”

जदयू नेता व विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
अमेरिका से आए प्रवासी भारतीय संजय सिंह ने कहा कि रोहतास किला हमारी संस्कृति, धर्म और इतिहास का प्रतीक है तथा प्रवासी भारतीय इसके विकास में सहयोग को तत्पर हैं।


विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने कहा कि इस धरोहर की रक्षा और उन्नयन हमारा दायित्व है।

डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ़ सोनू सिंह ने भी पर्यटन संभावनाओं को मजबूत करने पर बल दिया।


न्यायमूर्ति एस.एन. पाठक ने कहा—
“मातृभूमि, माता-पिता और मातृभाषा—इन तीनों का ऋण उतारना जीवन का धर्म है। शहाबाद किसी की पहचान का मोहताज नहीं है, यहां के लाल ने अपने कर्मों की बदौलत शहाबाद की पहचान दी है। अफसोस है कि रोहतास किले की सुध किसी ने नहीं ली।”

स्थानीय विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने जनजातीय क्षेत्रों में बिजली, पानी और रोजगार सुधार की दिशा में चल रहे कार्यों का उल्लेख किया।

पूर्व थल सेनाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह ने इस क्षेत्र को भविष्य का प्रमुख पर्यटन हब बताया।

shahabad

आरएसके पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं लोक कलाकारों ने उरांव, गोंड जनजातीय नृत्य, आदिवासी गीत और विभिन्न लोकनृत्यों की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अतिथियों ने शाहाबाद स्मारिका का विमोचन किया तथा विशिष्ट अतिथियों को किले का प्रतीक-चिन्ह और अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन शंकर कैमूरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संजय पासवान ने किया तथा कहा कि “आपके सहयोग से ही यह पर्यटन क्षेत्र निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।”
इस अवसर पर बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह, एयरटेल बिहार-झारखंड के प्रभारी हेड विशाल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


शाहाबाद महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु भवानी दयाल सन्यासी पुरस्कार से पद्मश्री भीम सिंह को सम्मानित किया गया।
देश सेवा में शहीद हुए रोहतास प्रखंड के ज्योति प्रकाश तथा डेहरी प्रखंड के गोपी बिगहा निवासी आर्मी के शहीद जवान रवि रंजन सिंह को वीरता सम्मान प्रदान किया गया।
‘बिजली रानी’ के नाम से प्रसिद्ध रेखा रानी की पुत्री को सम्मानित किया गया। वहीं बिस्मिल्ला ख़ान पुरस्कार से शेखर चौरसिया सहित पाँच प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।


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