भूख से मरी बच्ची, सियासत तेज

जाँच का ड्रामा

झारखंड के सिमडेगा में भूख से बच्ची की मौत हुई थी। केंद्र से इस घटना की जाँच के लिए एक अधिकारी आये। वे न घटनास्थल पर गए, न पीड़ित परिवार से मिले। रांची के अधिकारियों ने उन्हें सिमडेगा डीसी की रिपोर्ट थमा दी, जिसमें बच्ची की मौत मलेरिया से हुई बताई गई है।  सरकार चाहे किसी दल की हो, कार्य संस्कृति नहीं बदलती। सरकारें अस्थायी हैं, लेकिन कार्य संस्कृति स्थायी है।

 

झारखंड के सिमडेगा में जलडेगा प्रखंड के कारीमाटी में भूख के कारण एक बच्ची की मौत हो गई। उसके परिवार के अन्य लोगों की खराब हालत भी ठीक नहीं है। संतोषी ने चार दिन से कुछ भी नहीं खाया था. घर में मिट्टी चूल्हा था और जंगल से चुन कर लाई गई कुछ लकड़ियां भी. सिर्फ ‘राशन’ नहीं था. अगर होता, तो संतोषी आज ज़िंदा होती. लेकिन, लगातार भूखे रहने के कारण उनकी मौत हो गई. वह दस साल की थी.

आधार से नही जुड़ा था राशन कार्ड

संतोषी अपने परिवार के साथ कारीमाटी मे रहती थी. यह सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड की पतिअंबा पंचायत का एक गांव है. करीब 100 घरों वाले इस गांव में इसमें कई जातियों के लोग रहते हैं. संतोषी पिछड़े समुदाय की थीं. गांव के डीलर ने पिछले आठ महीने से उन्हें राशन देना बंद कर दिया था. क्योंकि, उनका राशन कार्ड आधार से लिंक्ड नहीं था. कई दिनों से भोजन नहीं मिलने पर 11 वर्षीय संतोषी कुमारी की मौत हो जाने के बाद भी प्रखंड के बीडीओ और सीओ कारीमाटी गांव में परिवार की सुध नहीं ली।

टीम पहुंची कारीमाटी गांव

भोजन के अधिकार अभियान की टीम रांची से कारीमाटी गांव पहुची। कोयली देवी समिति के सदस्यों के कहने पर घर से निकाला गया। उसकी भी हालत खराब है। उसे रांची से आयी टीम ने जलडेगा स्वास्थय केंद्र में भरती कराया है। छह महीने से इस परिवार को राशन इसलिए नहीं मिला कि राशन कार्ड आधार से नही जुड़ा था।

खाद्य आपूर्ति मंत्री ने कहा

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के ट्वीट कर सिमडेगा के उपायुक्त को पीडि़त परिवार से मिलने और 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने को कहने के बाद झारखंड के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने ट्वीट कर कहा कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, वे भी राशन लेने के अधिकारी हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जा रहा है।

केंद्र भी झारखंड भेजेगी जांच टीम

केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है और रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार मामले की जांच के लिए अपनी टीम झारखंड भेजेगी। फिलहाल केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने भी खाद्य आपूर्ति सचिव को जांच का निर्देश दिया है।

व्यवस्था ध्वस्त

झारखंड विकास मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के कारीमाटी गांव जाकर मृतक बच्ची के परिवार से भेंट की और कहा कि व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गयी है, सिस्टम को दुरुस्त करना सरकार का काम है.

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