प्रयागराज में साहित्य का सम्मान: तीन वरिष्ठ रचनाकारों का सारस्वत अभिनंदन, पुस्तक लोकार्पण भी हुआ

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा एक भव्य समारोह आयोजित कर साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तीन वरिष्ठ साहित्यकारों का सारस्वत अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर पुस्तक लोकार्पण और पत्रकारों-साहित्यकारों का सम्मान समारोह भी संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र लोक सेवा मंडल, अलोपीबाग स्थित सभागार में किया गया। समारोह में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुनेश्वर मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि सुप्रसिद्ध पाठ्य-पुस्तक लेखक सर्वेश कांत वर्मा सरल ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. बालकृष्ण पांडेय (राष्ट्रीय संरक्षक), वरिष्ठ साहित्यकार सुभाष चंद्र चौरसिया ‘हेमबाबू’ तथा इलाहाबाद हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता अंजना सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह में डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय (राष्ट्रीय संयोजक), डॉ. जया मोहन तथा डॉ. राम लखन चौरसिया वागीश को अंगवस्त्र, प्रतीक-चिह्न और अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन रचनाकारों की रचनाओं को सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 9 की पुस्तक “किंशुक हिंदी व्याकरण” में स्थान मिलने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन से हुई। संचालन डॉ. योगेंद्र कुमार मिश्रा ‘विश्वबंधु’ ने किया, जबकि स्वागत भाषण राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पवनेश कुमार ‘पवन’ ने दिया।

इस अवसर पर डॉ. सतीश बब्बा की 27वीं पुस्तक “बहू बिना घर सूना” (कहानी संग्रह) का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में रीवा से आए साहित्यकार अधिवक्ता रियाजउद्दीन खान ने महासंघ की आजीवन सदस्यता ग्रहण की।

समारोह में विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और कवियों को भी सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में सम्मानित रचनाकारों के योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और समाजोपयोगी लेखन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।अंत में देश दर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी प्रदीप सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन गरिमामय वातावरण में हुआ।

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