- मधुमेह चिकित्सा के आधुनिक पहलुओं पर होगा मंथन, जुटेंगे देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सक
डेहरी- आन-सोन (रोहतास)। रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) के बिहार अध्याय द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन “आरएसएसडीआई बिहारकॉन-एमटी 2026” का आयोजन आगामी 6 एवं 7 जून 2026 को नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के संयोजन में गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के देवमंगल सभागार में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन की मेजबानी नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल करेगा।
“मधुमेह की यथार्थता आधारित चिकित्सा में अंतर को कम करने” विषय पर आधारित यह सम्मेलन मधुमेह चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है। सम्मेलन का उद्देश्य मधुमेह उपचार के क्षेत्र में नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति, आणविक अनुसंधान, व्यक्तिगत चिकित्सा, आधुनिक औषधि उपचार एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित जानकारियों को चिकित्सकों, शोधकर्ताओं तथा स्नातकोत्तर छात्रों तक पहुंचाने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
सम्मेलन के दौरान एपीजेनेटिक्स, मोनोजेनिक मधुमेह, आंत्र माइक्रोबायोम, ट्राईजिपटाइड, साप्ताहिक इंसुलिन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपचार प्रणाली जैसे आधुनिक विषयों पर विस्तृत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के पहले दिन यथार्थता एवं आणविक चिकित्सा तथा कार्डियो-रेनल-मेटाबॉलिक विषयों पर चर्चा होगी, जबकि दूसरे दिन मधुमेह की जटिलताओं एवं क्लिनिकल प्रैक्टिस पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रों के लिए क्विज प्रतियोगिता, शोध-पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुति के साथ-साथ क्लिनिकल अनुसंधान पद्धति पर कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह सम्मेलन बिहार सहित पूर्वी भारत में मधुमेह चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञानवर्धन, अनुसंधान एवं नवाचार को नई दिशा प्रदान करेगा।
सम्मेलन में डॉ. अनुज महेश्वरी, डॉ. राकेश पारीख, डॉ. बी.के. सिंह, डॉ. शैबाल गुप्ता तथा डॉ. विजय कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. जीतेन्द्र कुमार, सचिव डॉ. महेंद्र प्रताप तथा सह-सचिव डॉ. अभिषेक कमेन्दु होंगे। वहीं वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता डॉ. अतुल कुमार करेंगे तथा संयोजक की जिम्मेदारी डॉ. रंजन कुमार निभाएंगे। स्मारिका समिति में डॉ. आकांक्षा सिंह एवं डॉ. अभिलाषा सिंह शामिल रहेंगी।
उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के लगभग 100 वरिष्ठ चिकित्सक भाग लेंगे, जबकि 150 से 200 प्रतिभागियों के साथ लगभग 100 चिकित्सा स्नातकोत्तर छात्र भी शामिल होंगे।




