
सासाराम। आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सोमवार को डीआरडीए भवन, समाहरणालय परिसर सासाराम में सोलर मेला सह लोन मेला का आयोजन किया गया। यह आयोजन विद्युत विभाग एवं बैंकों के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
मेले का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना और उन्हें योजना से जोड़ना था। विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम ने सोलर पैनल की स्थापना, कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, सब्सिडी एवं आर्थिक लाभ की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
इस मेले की विशेषता ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन सुविधा रही, जिससे इच्छुक उपभोक्ता तुरंत आवेदन कर योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया शुरू कर सके। अधिकृत वेंडर्स एवं एजेंसियों ने उपभोक्ताओं को उपयुक्त सोलर समाधान उपलब्ध कराने में सहयोग किया।
विद्युत अधीक्षण अभियंता इं. इंद्रदेव कुमार ने बताया कि योजना के तहत 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा सोलर संयंत्र स्थापना के लिए लगभग 7% ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिले में अब तक 305 उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 164 उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो चुका है। वेंडर्स ने आश्वासन दिया कि आवेदन के बाद निर्धारित समय में सोलर पैनल की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी और 7 वर्षों तक नि:शुल्क रख-रखाव भी प्रदान किया जाएगा।
जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा कि इस योजना को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है और अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में ऋण की अदायगी 4-5 वर्षों में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 7-8 वर्षों में की जा सकती है।उपभोक्ता अपनी खपत के अनुसार सोलर पैनल की क्षमता का चयन कर सकते हैं—150 यूनिट तक के लिए 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक के लिए 2 किलोवाट तथा इससे अधिक खपत के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता उपयुक्त है। सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिल में समायोजन की सुविधा भी उपलब्ध है।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, बैंकर्स, विद्युत विभाग के अधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।





