
पटना। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में सोमवार को नई दिल्ली में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे से संबंधित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। करीब 25 वर्षों से लंबित इस अंतर्राज्यीय जल विवाद के समाधान को पूर्वी भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
समझौते के बाद बिहार और झारखंड के बड़े ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई तथा पेयजल की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। इससे दोनों राज्यों के लाखों किसानों और ग्रामीण आबादी को लाभ मिलेगा।
सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण : अमित शाह
समझौते के अवसर पर अमित शाह ने कहा कि बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर हुआ समझौता पूर्वी भारत के एक बहुप्रतीक्षित जल विवाद का समाधान है। इससे बिहार और झारखंड के बड़े भौगोलिक क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई के लिए पानी तथा लोगों को पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि सोन नदी जल बंटवारे पर हुआ समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘टीम भारत’ की परिकल्पना और सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है। सभी राज्य टीम इंडिया की भावना से मिलकर आगे बढ़ें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान नहीं निकाला जा सकता।
बिहार के आठ जिलों को मिलेगा लाभ
गृह मंत्री ने बताया कि समझौते से बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना की बड़ी आबादी को सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। वहीं झारखंड के पलामू, गढ़वा सहित अन्य क्षेत्रों को भी सिंचाई और पेयजल के लिए लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और पेयजल से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में यह समझौता महत्वपूर्ण कदम है।
इस वर्ष चौथा बड़ा जल समझौता
अमित शाह ने कहा कि अंतर्राज्यीय परिषद के माध्यम से विभिन्न राज्यों के बीच लंबे समय से लंबित जल विवादों के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक राज्यों के बीच जल और जल-संबंधी मुद्दों पर चार महत्वपूर्ण समझौते हो चुके हैं।
इससे पहले 7 जुलाई 2026 को नर्मदा अवार्ड से संबंधित लंबित भुगतान के निपटारे के लिए महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ था। 29 जून 2026 को राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन को लेकर समझौता हुआ। वहीं 16 जून 2026 को किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच सहमति बनी थी।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोन नदी जल बंटवारे के विवाद के समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया।




