बाल वाटिका विद्यालय में शिक्षा महाकुंभ का आयोजन, ज्ञान-विज्ञान-कला और संस्कृति का अनूठा संगम

डेहरी ऑन सोन (रोहतास) -कार्यालय प्रतिनिधि। शहर के मोहन बिगहा में स्थित बाल वाटिका विद्यालय परिसर में ज्ञान, विज्ञान, कला और संस्कृति के समन्वय को साकार करते हुए एक दिवसीय शैक्षिक एवं रचनात्मक प्रदर्शनी “शिक्षा महाकुंभ” का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मक सोच और नवाचार को मंच प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी, कला एवं क्राफ्ट स्टॉल तथा फूड फेयर के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने हुनर और कल्पनाशीलता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडल, चार्ट, कलाकृतियाँ एवं व्यंजन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉ. एस. पी. वर्मा, पासवा के जिलाध्यक्ष रोहित वर्मा, बुद्धिजीवी चेतना मंच के संस्थापक व सचिव केदार नाथ सिंह, विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार शर्मा, प्रो. अरुण शर्मा एवं सेवानिवृत्त शिक्षक शिवजग सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि डॉ. एस. पी. वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बाल वाटिका विद्यालय पिछले 54 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर योगदान दे रहा है तथा यहां से निकले कई छात्र आज विभिन्न उच्च पदों पर कार्यरत होकर राष्ट्र सेवा में लगे हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों की मानसिक क्षमता और कलात्मक प्रतिभा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के शैक्षणिक स्तर को समझकर उसे आगे बढ़ाना है। कमजोर विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल कक्षाएं तथा सभी छात्रों के लिए नियमित रिवीजन कक्षाएं आवश्यक हैं, ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे न रह जाए।

डॉ. वर्मा ने शिक्षा के साथ पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर भी बल देते हुए कहा कि बच्चों में संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्य और आत्मअनुशासन का विकास जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति समझ-आधारित शिक्षा, कौशल विकास, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देती है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे नई शिक्षा नीति की भावना को आत्मसात कर बच्चों को व्यवहारिक, मूल्यपरक और जीवनोपयोगी शिक्षा दें।

प्रदर्शनी में न्यूटन क्रैडल, थ्री-डी होलोग्राम, वाटर प्यूरीफायर सैटेलाइट, ज्वालामुखी मॉडल, कार्बन प्यूरीफायर, वॉटरफॉल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, चंद्रयान-3, सोलर रोड, सस्टेनेबल सिटी, ग्रीन हाउस, इलेक्ट्रिक मैप बोर्ड, भारतीय कृषि, फोटो सैटेलाइट, थर्मल पावर, ताजमहल, वाटर फिल्टर एवं जल-जीवों से संबंधित मॉडल प्रस्तुत किए गए। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए स्वादिष्ट व्यंजन भी आकर्षण का केंद्र रहे।अतिथियों के साथ विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों से मॉडलों से संबंधित प्रश्न पूछे गए, जिनका विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ तार्किक एवं संतोषजनक उत्तर दिया।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि शिक्षा महाकुंभ के माध्यम से बच्चों के अंदर पढ़ाई के साथ-साथ ज्ञान, विज्ञान, कला, संस्कृति और सामाजिक चेतना को प्रभावी ढंग से विकसित करने का प्रयास किया गया है, जिससे समाज को भी प्रेरणा मिलती है।कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को अंगवस्त्र एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया। मौके पर पासवा के जिला उपाध्यक्ष सुभाष कुमार कुशवाहा, शिक्षक रवि गुप्ता, संजय सिन्हा, जितेंद्र प्रसाद, विद्या सिंह, चंद्रकुमारी, विनीता, अमृता सिन्हा, निधि कुमारी, आस्था श्रीवास्तव, नरेश महतो, शिव गांधी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अंत में अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का अवलोकन कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

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