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साहित्यिक गोष्ठियां सांस्कृतिक चेतना जगाने में महत्वपूर्ण

पटना (सोनमाटी समाचार नेटवर्क)। भारतीय युवा साहित्यकार परिषद (पटना) के तत्वावधान में वरीय साहित्यकार एवं चित्रकार सिद्धेश्वर प्रसाद के आवास

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(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : इस उपद्रव की स्वीकृति नहीं, मगर इस कृत्य की पड़ताल भी जरूरी

-0 प्रसंगवश 0-इस उपद्रव की स्वीकृति नहीं, मगर इस कृत्य की पड़ताल भी जरूरी-कृष्ण किसलय (संपादक : सोनमाटी) जरा कल्पना

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(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : रेणु को जन्मशती वर्ष पर नई पीढ़ी आखिर क्यों याद करे?

-0 प्रसंगवश 0–रेणु को जन्मशती वर्ष पर नई पीढ़ी आखिर क्यों याद करे?-कृष्ण किसलय (संपादक, सोनमाटी) फणीश्वरनाथ रेणु की जन्मशती

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(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : उपेन्द्र कुशवाहा ने अंतत: मान लिया नीतीश कुमार का नेतृत्व

-0 प्रसंगवश 0-उपेन्द्र कुशवाहा ने अंतत: मान लिया नीतीश कुमार का नेतृत्व-कृष्ण किसलय (संपादक, सोनमाटी) क्षेत्रीय राजनीतिक दल रालोसपा बनाकर

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(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : अंधविश्वास से मुक्ति दिलाने में विज्ञान की सर्वोच्च भूमिका

-0 प्रसंगवश 0-अंधविश्वास से मुक्ति दिलाने में विज्ञान की सर्वोच्च भूमिका-कृष्ण किसलय (संपादक, सोनघाटी) तीन साल पहले वर्ष 2019 में

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(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : ‘समय-सापेक्ष सरोकार ही कविता की सामाजिक प्रासंगिकता है’

-0 प्रसंगवश 0-‘समय-सापेक्ष सरोकार ही कविता की सामाजिक प्रासंगिकता है’-कृष्ण किसलय (संपादक : सोनमाटी) विश्व हिन्दी दिवस पर भारतीय युवा

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(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : आंदोलनकारियों की मौसम से सुरक्षा सरकारी जवाबदेही/ ठंड का चेहरा हुआ कठोर/ हुई भगवान की प्राचीन भूमि की पुष्टि

-० प्रसंगवश ०-हल जो निकले, किसानों की मौसम से सुरक्षा सरकार की जवाबदेही-कृष्ण किसलय (संपादक, सोनमाटी) देश की राजधानी दिल्ली

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(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : कृषि कानूनों के व्यावहारिक असर पर संसद में विचार की दरकार/ (देशांतर/निशांत राज) : अगली सदी आते-आते समुद्र में डूब जाएंगे तीन सौ शहर

-0 प्रसंगवश 0-कृषि कानूनों के व्यावहारिक असर पर संसद में विचार की दरकार-कृष्ण किसलय (संपादक, सोनमाटी) संभवत: देश में किसानों

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प्रसंगवश/कृष्ण किसलय : सूर्य पूजा की आदि भूमि विश्वविश्रुत सोन-घाटी

-0 प्रसंगवश 0-सूर्यपूजा की आदिभूमि विश्वविश्रुत सोन-घाटी-कृष्ण किसलय (समूह संपादक, सोनमाटी) 0-विश्व के अति प्राचीन लोकपर्व छठ में अंतरराष्ट्रीय संस्कृति-सम्मिश्रण

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