राजनीति में शुचिता आखिर कब?
दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार-कवि मनोजकुमार झा की फेसबुक में सोनमाटीडाटकाम की वाल पर सोनमाटी के नए अंक पर निम्नटंकित प्रतिक्रिया। उन्हें धन्यवाद। – संपादक बहुत ही उम्दा सामग्री-संयोजन। आँचलिक पत्रकारिता…
हड़प्पा काल में ड्रिल कर होती थी दंत चिकित्सा
दांत उखाडऩे में नहीं, उसे जमाए रखने में है डाक्टरी दक्षता : डा. अभिषेक सिद्धार्थ अति प्राचीन है दंत चिकित्सा का इतिहास : पुरातात्विक खोजों में जहां लाखों साल पहले…
बिहार की ये महाबली महिलाएं
जागरूकता दूत बन साइकिल से विश्वयात्रा नई दिल्ली/पटना/सासाराम/संझौली (सोनमाटी समाचार)। बिहार की सविता महतो महिलाओं की सुरक्षा का सामूहिक संदेश लेकर और उनकी विश्वदूत बनकर दिल्ली के इंडिया गेट से…
चंद्रभूषण मणि और अनिल विभाकर सम्मानित
भोजपुरी फिल्मों के वरिष्ठ लेखक-निर्देशक चंद्रभूषण मणि को बिहार के औरंगाबाद फिल्म फेस्टिवल-2018 में लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जबकि गया में बिहार प्रदेश के मगही एवं हिंदी के…
विनम्र श्रद्धांजलि : मानवमेधा के अति दुर्लभ प्रतिनिधि प्रो.स्टीफेन हाकिंग
प्रोफेसर स्टीफेन हाकिंग विश्व का अप्रतीम गणितज्ञ, सौद्धांतिक भौतिक विज्ञान का 20वींसदी के सबसे बड़े वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा वैज्ञानिक। जिसने विश्व, ब्रहंड की सदियों…
जारी है लोकतंत्र की हत्या
-जुल्मतों की दौर में विषय पर सेमिनार में कन्हैया कुमार, प्रो. डेजी नारायण व प्रो. एसएच मालाकार ने कहा हसपुरा (औरंगाबाद)-सोनमाटी समाचार। गौतमबुद्ध टाउनहॉल में ज़ुल्मतों के दौर में विषय…
ऊर्जा व पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी
– डेहरी-आन-सोन के पड़ाव मैदान में पहली बार निकाली निकाली गई रैली, लिया गया सामूहिक संकल्प – पेट्रोल, डीजल से कार्बन उत्सर्जन व वायुमंडल प्रदूषण सबसे अधिक, जिससे बढ़ता रहा…
मजबूत होगा रौनियारों का राष्ट्रीय मंच
– एक सदी पुरानी देश की पंजीकृत संस्था है अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा – इतिहास प्रसिद्ध भारत के अंतिम विक्रमादित्य हेमू के वंशज हैं रौनियार वैश्य – कालपी, ग्वालियर,…
और समय लिखेगा इतिहास…
और समय लिखेगा इतिहास : बिहार के तीन वरिष्ठ पत्रकारों सुरेन्द्र किशोर, गुंजन सिन्हा और अनिल विभाकर के फेसबुक वाल पर पोस्ट की गई सामग्री यहां सोनमाटी के पाठकों के…
सत्तर साल की कहानी !
– कांग्रेस अध्यक्ष डी. संजीवैया ने 1963 में कहा था, 1947 में भिखारी आज करोड़पति बन बैठे – अपवादों को छोड़कर लूट में गांधीवाद, नेहरूवाद के साथ समाजवाद , लोहियावाद…














