कोर्ट-आर्डर : बीत चुके 20 वर्ष, विजयदशमी पर भी डालमियानगर में नहीं पहुंची अपनी बिजली

डालमियानगर (बिहार)-विशेष प्रतिनिधि। हाई कोर्ट के आदेश के 20 वर्ष बीत चुके हैं और डालमियानगर के लोग इंतजार कर रहे हैं कि उनके घरों में भी अपनी बिजली आखिर कब…

रेलवे ने सुन ली मौत की आवाज, ऊंचा होगा डेहरी-आन-सोन का प्लेटफार्म

डेहरी-आन-सोन (बिहार)-विशेष प्रतिनिधि। बिहार और उत्तर प्रदेश को जोडऩे वाला गया-दीनदयालउपाध्याय रेल जंक्शनों बीच अवस्थित ए-श्रेणी दर्जा प्राप्त प्रमुख रेलस्टेशन डेहरी-आन-सोन ऐसा है,  जिसके प्रति यह धारणा बन गई है…

भारत ने ही खोजा चांद पर पानी, अमेरिकी ने अब की अंतिम पुष्टि

सोनमाटी में विज्ञान टिप्पणी (देशांतर/कृष्ण किसलय,विज्ञान लेखक) चंद्रमा पर पानी को बर्फ की शक्ल में देखने और उसे चिह्निïत करने का श्रेय भारत के ही वैज्ञानिक उद्यम के हिस्से में…

केरल जलप्रलय : ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का ही कहर

(प्रतिबिम्ब/कृष्ण किसलय) केरल में करीब एक सदी बाद आई भीषण बाढ़ से पांच सौ से अधिक लोगों की जान गई, लाखों बेघर व विस्थापित होने को मजबूर हुए और कई…

प्रशांत किशोर : जदयू की बारगेन क्षमता बढ़ाने और कद्दावर वजूद की चुनौती

– समाचार विश्लेषण – कृष्ण किसलय पटना (विशेष प्रतिनिधि)। देश में चुनावी रणनीतिकार के रूप में चर्चित प्रशांत कुमार जदयू के साथ अपनी राजनीतिक पारी की आगाज कर चुके हैं।…

कैलिफोर्निया के डाक्टर ने कहा मर्ज लाइलाज, मगर होमियोपैथ की गोलियों से ही कैंसर की जंग फतह

  यह कहानी है बड़े अस्पतालों से रिटर्न हुए मरीजों की। कई मरीजों का कहना है, डा. की मीठी गोलियों पर भरोसा करने और बताए गए दिशा-निर्देश का सौ फीसदी…

ब्रिटिश राज के प्रथम विद्रोही

आंचलिक पत्रकारिता के क्षेत्र में ‘सोनमाटीÓ ने कई मीलस्तंभ कार्य किया है, जिनमें में से एक है ब्रिटिश राज का भारत में सबसे पहले विरोध करने वाले बिहार के विद्रोही…

मृत रोहतास उद्योगसमूह : उम्मीद की नई किरण, मगर संशय के बादल भी

यह तो सबकी इच्छा है, चाहे वह किसी भी दल का हो, कि आवश्यक उपभोक्ता वस्तु का उत्पादन करने वाले कारखानों के कारण देश भर में आधी सदी तक प्रसिद्ध…

38 साल पहले : धरोहर है सोनमाटी का बहुचर्चित प्रेमचंद जन्मशती विशेषांक

38 साल पहले हिन्दी कथासम्राट के विशेषण से भूषित महान उपन्यासकार-कहानीकार-पत्रकार प्रेमचंद की जन्मशती वर्ष के अवसर पर भारत के विश्वविश्रुत और अत्यंत ऐतिहासिक सोन नद अंचल के प्रतिनिधि समाचार-विचार…

पानी इतना कि चलते थे पांच हजार जलपोत, आज बूंद-बूंद के लिए तरस रहीं सोन नहरें

डेहरी-आन-सोन (बिहार)-कृष्ण किसलय। भारत की प्रसिद्ध सोन नहर प्रणाली के होने के बावजूद जलसंकट के कारण बिहार और झारखंड के दस जिलों की खेती अब वर्षा के पानी के भरोसे…

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भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर जोर