तनाव मुक्त परीक्षा: प्रणाली और मानसिकता दोनों में बदलाव जरूरी

आलेख-तनाव मुक्त परीक्षा: प्रणाली और मानसिकता दोनों में बदलाव जरूरी– प्रो. ब्रजेश पति त्रिपाठीविभागाध्यक्ष (अर्थशास्त्र),पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर ‘परीक्षा पर चर्चा, कार्यक्रम में परीक्षार्थियों शिक्षकों…

अब कभी नहीं पुनर्जीवित होंगी मढ़ौरा की औद्योगिक इकाईयां

मढ़ौरा में बंद औद्योगिक इकाइयों को खोलने को लेकर राज्य सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है। बंद पड़ी चीनी मिल में किसानों का करोड़ों रुपया बकाया है। जिसको लेकर…

आधुनिक परिप्रेक्ष्य में गुरु-शिष्य-परंपरा की विरासत

-अंगद किशोरइतिहासकार, शिक्षक एवं अध्यक्ष सोन घाटी पुरातत्व परिषद, जपला पलामू भारत में गुरु-शिष्य-परम्परा की समृद्ध विरासत प्राचीन काल से चली आ रही है। गुरु के प्रति श्रद्धा तथा शिष्य…

अखिलेंद्र मिश्रा ने की “स्वामी विवेकानंद का पुनर्पाठ” की प्रस्तुति          

भारत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही पाटलिपुत्र के गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन में विश्व साहित्य का हिन्दी रंगमंच तब जीवंत हो उठा जब हजारों की संख्या में दर्शकों से भरे…

सोन-घाटी में जीवंत हैं नेताजी की स्मृतियां

सोन-घाटी में जीवंत हैं नेताजी की स्मृतियांलेखक : कृष्ण किसलय नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया की साहित्य और संस्कृति की द्विमासिक पत्रिका -“पुस्तक संस्कृति” ने- लेखक स्वर्गीय कृष्ण किसलय के द्वारा…

संकट में पत्रकार

विस्तृत और प्रामाणिक अध्ययन की जरूरत। पत्रकार कितने भी समर्थ हों और मीडिया कितना भी जागरूक हो, लेकिन वह इस प्रश्न तक का उत्तर नहीं दे पा रहा कि भारत…

(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : इस उपद्रव की स्वीकृति नहीं, मगर इस कृत्य की पड़ताल भी जरूरी

-0 प्रसंगवश 0-इस उपद्रव की स्वीकृति नहीं, मगर इस कृत्य की पड़ताल भी जरूरी-कृष्ण किसलय (संपादक : सोनमाटी) जरा कल्पना करें कि किसी शहर के अति व्यस्त प्रमुख सड़क पर…

(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : रेणु को जन्मशती वर्ष पर नई पीढ़ी आखिर क्यों याद करे?

-0 प्रसंगवश 0–रेणु को जन्मशती वर्ष पर नई पीढ़ी आखिर क्यों याद करे?-कृष्ण किसलय (संपादक, सोनमाटी) फणीश्वरनाथ रेणु की जन्मशती वर्ष पर भारत की नई पीढ़ी आखिर उन्हें क्यों याद…

(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : कसौटी पर सातवीं नीतीश सरकार

-0 प्रसंगवश 0-कसौटी पर सातवीं नीतीश सरकार-कृष्ण किसलय (संपादक, सोनमाटी) इन दिनों विभिन्न दलों के सियासी शिविरों में राजनीति की अलग-अलग तरह की खिचड़ी पक रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार…

(प्रसंगवश/कृष्ण किसलय) : अंधविश्वास से मुक्ति दिलाने में विज्ञान की सर्वोच्च भूमिका

-0 प्रसंगवश 0-अंधविश्वास से मुक्ति दिलाने में विज्ञान की सर्वोच्च भूमिका-कृष्ण किसलय (संपादक, सोनघाटी) तीन साल पहले वर्ष 2019 में नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया ने मेरी (कृष्ण किसलय) की विज्ञान…