पेच : सीट हमें दो ज्यादा, नीतीश ही नेता क्यों?
-बिहार के सियासी समर में लोस सीट और सीएम पद की दावेदारी का अंतरसंघर्ष सतह पर -पटना की बैठक और एनडीए के मेल-मिलाप के प्रसंग को छोड़कर रालोजपा सुप्रीमो सासाराम…
नारायण मेडिकल कालेज को मिला यूनिवर्सिटी का दर्जा
——————— यह बिहार का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां नर्सरी कक्षा से स्नातकोत्तर का अध्यापन और इससे भी आगे शोध-अध्ययन हो रहा है। संकल्पना यही है कि नन्हा बच्चा इस…
निर्धन परिवार के बच्चों को प्रेस क्लब ने दिए चेक
डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। प्रेस क्लब, डेहरी-आन-सोन की ओर से निर्धन विद्यार्थी पाठ्य सामग्री वितरण योजना के तहत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 25 निर्धन स्कूली बच्चों को एक-एक हजार…
विश्व पर्यावरण : मौसम के मद्देनजर एहतियात की दरकार
नई दिल्ली (विशेष संवाददाता)। गर्मी से तपते परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है कि इस बार मानसून पिछले साल से बेहतर होगा। खेती और अर्थव्यवस्था के लिए भी यह…
अभी तक है सारा वादा कोरा, आखिर कब होगा पूरा?
डेहरी-आन-सोन (बिहार)-विशेष संवाददाता। रोहतास जिले के डेहरी विधान सभा क्षेत्र में अभी तक यथास्थिति कायम रहने के कारण राजद विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री इलियास हुसैन पर इलाके…
सवाल : क्या रोजी-रोटी से अलग अब अपने वजूद की भी सोचेंगे बिहार के युवा?
बिहारियों की मेहनत, हिम्मत, जीवटता का अंदाजा तो हजारों किलोमीटर दूर पत्थरों-जंगलों के बियावान में जाकर मारिशस, फिजी और सूरीनाम को गुलजार बनाने वाले लोगों के रूप में देखकर लगाया…
सिनेमा : कहां-कहां से गुजरा एक सदी से अधिक का सफर
एक सदी से अधिक समय की लंबी यात्रा करने वाले भारतीय सिनेमा की दास्तान कठिन संघर्ष, सघन श्रम, तपोमय मेधा-संयोजन के दिलचस्प उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है। आरंभ में सिनेमा…
विदेशी कहानियां जो दुर्लभ हैं
समीक्षा विदेशी कहानियां जो दुर्लभ हैं ——————————————————— साहित्यकार-समीक्षक वीणा भाटिया ने कुछ दुर्लभ विदेशी कहानियों का संकलन किया है। इस संग्रह में सभी लेखकों का संक्षिप्त परिचय भी दिया…
मुख्य सचिव दीपक कुमार 21 साल पहले थे रोहतास के जिलाधिकारी
फरवरी 2020 तक के लिए बिहार के मुख्य सचिव पटना/डेहरी-आन-सोन (विशेष प्रतिनिधि)। पूर्व मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह को तीन महीनों का अवधि विस्तार देकर किए गए मंथन के बाद…
समय लिखेगा इतिहास : सोनमाटी का विशेष संयोजन
30 मई 2018. हिन्दी पत्रकारिता ने 192 साल की यात्रा पूरी कर अपने पांव 193 साल के पायदान पर रख दिया है। इस मौके पर साप्ताहिक सोनमाटी (प्रिंट संस्करण, स्थापना …
















