1. तिल-तिल मरने की दास्तां (किस्त-1)

डालमियानगर पर,तिल तिल मरने की दास्तां धारावाहिक पढ़ा। डालमियानगर पर यह धारावाहिक मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह धारावाहिक संग्रहणीय है।अतित के गर्त में दबे हुए, डालमियानगर के इतिहास को…

जिधर जवानी चलती है, इतिहास उधर ही बढ़ता है

सोम प्रकाश बिहार के ऐसे शख्स हैं, जो व्यवस्था से विद्रोह कर दारोगा की सरकारी और दबदबे वाली नौकरी छोड़ सियासत के दुर्घष पथ पर 2010 में निहत्थे कूद पड़े…

राज्यों को मिली क्षतिपूर्ति की रकम

जीएसटी लागू होने के बाद जुलाई-अगस्त में सेस से 15 हजार करोड़ की आय, इसमें बंटी राज्यों को 58 फीसदी की हिस्सेदारी पटना/डेहरी-आन-सोन (बिहार) -सोनमाटी समाचार। भारत में आर्थिक सुधार…

दहेज और बाल विवाह पर पाबंदी कड़ाई से लागू

दहेज़ प्रथा समाप्त हो तों अच्छी बात है। सराहनीय कदम है।  recieved by [email protected] on dated 01.11.2017—————————————————————————- पटना  (सोनमाटी समाचार)।  अब बिहार सरकार दहेज और बाल विवाह पर पाबंदी के कानून…

त्रासदी : मानव का मशीनीकरण, मशीन का मानवीकरण!

त्रासदी :  मानव का मशीनीकरण, मशीन का मानवीकरण ! 21वींसदी की यह दुनिया पूरी तरह अति उच्च, पर अजीबो-गरीब तकनीक की गिरफ्त में भी कसती जा रही है। विभिन्न देशों की…

पहाड़ पर फिर खदबदा रहा माओवादी रक्तबीज

पटना/डेहरी-आन-सोन/औरंगाबाद (बिहार) -कृष्ण किसलय। बिहार के दक्षिणी सीमांत क्षेत्र के कैमूर पहाड़ पर दशकों तक जारी रही रक्तरंजित नक्सली गतिविधियां अद्र्धसैन्य बलों के लगातार अभियान से पिछले कई सालों से…

रोहतास : बिहार का पहला ओडीएफ जिला

इस समाचार के संदर्भ में बिहार के उप मुख्यमंत्री कार्यालय का ई-मेल (नीचे देखें)   7 नवंबर डेडलाइन तय, डालमियानगर के लिए भी हाईकोर्ट की हरी झंडी, कामयाबी के लिए जवाबदेह…

इसलिए है जनतंत्र के चौथे खंभे की हैसियत में पत्रकारिता

कृष्ण किसलय सहित पांच वरिष्ठ पत्रकार सम्मानित केेंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा और बिहार के कृषि मंत्री डा. प्रेम कुमार ने प्रेस क्लब में प्रदान किया सम्मान डेहरी-आन-सोन, बिहार (निशांत राज)।…

प्रियंका को विश्वविद्यालय का आमंत्रण

डालमियानगर की प्रियंका गौतम हैं रांची यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट डालमियानगर, रोहतास (बिहार) -सोनमाटी समाचार। प्रियंका गौतम को रांची विश्वविद्यालय ने पढ़ाने का आमंत्रण दिया है। प्रियंका राची विश्वविद्यालय की…

रक्तदान इसलिए है महादान

खून : पृथ्वी की सर्वाधिक मूल्यवान वस्तु रक्त पृथ्वी के समस्त पदार्थो में सबसे अधिक मूल्यवान है, क्योकि किसी भी प्रयोगशाला में इसकी प्रतिकृति नहीं बनाई जा सकी है। इसीलिए…

You Missed

पीएनबी, आरा मंडल द्वारा एमएसएमई आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन
केंद्रीय हिंदी निदेशालय की व्याख्यानमाला के लिए डॉ. सुशील उपाध्याय चयनित, महाराष्ट्र में देंगे व्याख्यान
राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना को नराकास का विशेष पुरस्कार
जीएनएसयू और एनएमसीएच को तीन अंतरराष्ट्रीय आईएसओ प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रबंधन में मिली बड़ी पहचान
बीड़ी श्रमिकों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए बिहार में जागरूकता शिविर, आवेदन में मिली सहायता