केरल जलप्रलय : ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का ही कहर
(प्रतिबिम्ब/कृष्ण किसलय) केरल में करीब एक सदी बाद आई भीषण बाढ़ से पांच सौ से अधिक लोगों की जान गई, लाखों बेघर व विस्थापित होने को मजबूर हुए और कई…
श्रद्धांजलि : अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले हिन्दी के शीर्ष कवि-लेखक-पत्रकार विष्णु खरे
हिंदी के अप्रतिम विलक्षण कवि-लेखक-पत्रकार विष्णु खरे अब हमारे बीच नहीं हैं। हिंदी और अन्य भारतीय भाषा साहित्य में ही नहीं, उनकी पहचान विश्व साहित्य में भी है। वह ऐसे…
हे हमारी हिन्दी, मंच न गोष्ठी तुम सदा रहना जीवन में
दिल्ली से लेखक-पत्रकार-कवि कौशलेन्द्र प्रपन्न द्वारा हिन्दी दिवस (14 सितम्बर) के अवसर विशेष पर सोनमाटीडाटकाम के लिए लालित्यपूर्ण संवाद शैली में लिखी गई इस रचना में राजभाषा हिन्दी की सात…
नए अनुभव संसार की कहानियां हैं पूर्वोत्तर का दर्द
——————————————————- पुस्तक परिचय पूर्वोत्तर का दर्द (कहानी संग्रह) लेखक : चितरंजनलाल भारती पता : राजभाषा अनुभाग, हिन्दुस्तान पेपर कारपोरेशन, पोस्ट पंचग्राम-788802 (असम) मोबाइल : 9401374744 प्रकाशक : यशराज पब्लिकेशन, पटना…
गौतम बुद्ध से बहुत पहले का है वेदों की भाषा का कालखंड
भारत के सोन नदी अंचल (बिहार) केेंद्रित सोनमाटी मीडिया समूह के अग्रणी न्यूजपोर्टल सोनमाटीडाटकाम (sonemattee.com) पर सासाराम स्थित एसपीजैन कालेज के वरिष्ठ हिन्दी प्राध्यापक एवं भाषाविद प्रो. (डा.) राजेन्द्र प्रसाद…
हिरणों के इतिहास में शिकारियों की शौर्यगाथाएं आखिर क्यों?
लब्धप्रतिष्ठ भाषा वैज्ञानिक और साहित्य इतिहास लेखक प्रो. राजेन्द्र प्रसाद सिंह सासाराम (बिहार) स्थित शांति प्रसाद जैन महाविद्यालय में हिन्दी (भाषा विज्ञान) के वरिष्ठ प्राध्यापक हैं। भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति-सभ्यता…
प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता का समायोजन बड़ी चुनौती
कई राज्यों में प्राथमिक स्तर पर बुनियादी कौशल में बच्चे तय स्तर से नीचे पाए गए हैं। यह स्थिति एक दशक से ज़्यादा समय से सरकारों के संज्ञान में भी…
इसलिए याद किए जाएंगे अटल बिहारी वाजपेयी,
जब संसद में पहुंचकर वाजपेयी से मिली दाउदनगर (औरंगाबाद, बिहार) की विवेकानंद मिशन स्कूल की बाल टीम संघ के प्रचारक से प्रधानमंत्री तक का सफर, विरोधियों को साथ लेकर चलने…
पाठकीय प्रतिबद्धता पर निर्भर लेखक की रचना के अर्थ की डी-कोडिंग
भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक और नोबेल पुरस्कार विजेता वीएस नायपॉल का 12 अगस्त को निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। उनका पूरा नाम विद्याधर सूरजप्रसाद नायपॉल था।नायपॉल…
38 साल पहले : धरोहर है सोनमाटी का बहुचर्चित प्रेमचंद जन्मशती विशेषांक
38 साल पहले हिन्दी कथासम्राट के विशेषण से भूषित महान उपन्यासकार-कहानीकार-पत्रकार प्रेमचंद की जन्मशती वर्ष के अवसर पर भारत के विश्वविश्रुत और अत्यंत ऐतिहासिक सोन नद अंचल के प्रतिनिधि समाचार-विचार…














